संस्कारों की जननीजैन पाठशाला शिविर में गूंज रहे संस्कार

केशव कोली

चंदेरी

            विश्व प्रसिद्ध चौबीसी दिगंबर जैन मंदिर में इन दिनों ग्रीष्मकालीन जैन पाठशाला कैंप की धूम मची हुई है | बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के उद्देश्य से आयोजित इस कैंप में 90 से अधिक बच्चे बड़ी उत्साह से भाग ले रहे हैं |

 शिविर की शुरुआत प्रतिदिन सुबह बहुत ही ऊर्जावान माहौल में होती है| सबसे पहले योग और एरोबिक्स की क्लास लगाई जाती है जिसमें बच्चे म्यूजिक के माध्यम से हर्ष उल्लास के साथ एंजॉय करते हैं  तत्पश्चात सभी बच्चे शुद्ध वस्त्र धारण करके सामूहिक देव शास्त्र गुरु पूजन करते हैं | 


 शिविर के दौरान बच्चों और शिक्षकों को परम पूज्य निर्यापक मुनि श्री 108 अभय सागर जी महाराज, मुनि श्री प्रभात सागर जी महाराज, मुनि श्री चंद्र सागर जी महाराज एवं मुनि श्री निरीह सागर जी महाराज का मंगल सानिध्य प्राप्त हुआ | गुरुदेव ने सभी को जैन शिष्टाचार का महत्व समझाया उन्होंने बताया कि बड़ों का आदर करना, शुद्ध खान पान रखना, रात्रि भोजन का त्याग करना एवं सभी जीवो पर दया रखना ही एक सच्चे श्रावक का मूल कर्तव्य है|


 शिविर को रोचक बनाने के लिए प्रतिदिन प्रतियोगिताओं जैसे चित्रकला, हाईकू आदि का आयोजन एवं पुरस्कार वितरण किया जाता है एवं शाम को गुरु भक्ति एवं आरती की जाती है एवं प्रतिदिन बच्चों को  स्वल्पाहार की व्यवस्था भी की जाती है |


 पाठशाला शिक्षक एवं शिक्षिका  प्रवीण कुमार जी जैन, श्रीमती सुरभि जैन, समकित जैन, श्रीमती राजश्री जैन, कु.हिमांशी जैन, कु. एंजिल जैन द्वारा इस कैंप का आयोजन कर सहयोग प्रदान किया गया | पाठशाला की छात्रा पलक जैन एवं हर्षिता जैन द्वारा सहयोग प्रदान किया गया 

 स्थानीय जैन समाज और आयोजन समिति इस बात से बेहद हर्षित है कि बच्चे इतनी कम उम्र में इतनी गंभीरता से धर्म के संस्कार सीख रहे हैं |

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