रमेश धनकर के खेत में लगी आग पर वक्त रहते पाया काबू | बोले बैंस -पैरावट की आग नामुमकिन थी, पर जनसेवा के आगे आग भी हारी ।

 ब्यूरो समाचार -दिनेश नेताम   

स्थान - कुसुमकसा 

पूर्व जनपद सदस्य और जनसेवक संजय बैंस की तत्परता ने एक बार फिर कुसुमकसा को बड़ी जन-धन हानि से बचा लिया। गत दिनों किसान रमेश धनकर के 6 एकड़ खेत में रखे पैरावट में अज्ञात कारणों से आग भड़क उठी। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया।


दरअसल रमेश धनकर ने 2 एकड़ के पैरे से पशुओं के लिए करीब 50 क्विंटल से ज्यादा कुट्टी काटकर एक तरफ रखी थी। बाकी 4 एकड़ का पैरावट दूसरी ओर ढेर में लगा था। अचानक लगी आग की लपटें कुट्टी और बस्ती की ओर बढ़ने लगीं। घबराए ग्रामीणों ने तुरंत संजय बैंस को मोबाइल पर सूचना दी।


जानकारी मिलते ही संजय बैंस बिना एक पल गंवाए अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंच गए। मोहल्ले वालों के साथ मिलकर उन्होंने आग बुझाने का मोर्चा संभाल लिया। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने 50 क्विंटल कुट्टी को तो बचा लिया, मगर तब तक 4 एकड़ का पैरावट पूरी तरह जलकर राख हो चुका था।


संजय बैंस ने बताया कि आग कैसे लगी, यह पता नहीं चल पाया है। लेकिन अगर वक्त पर काबू नहीं पाया जाता तो बहुत बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। पैरावट घर की बाड़ी में ही रखा था और चारों तरफ घना रिहायशी इलाका है। आग की एक चिंगारी भी अगर घरों तक पहुंच जाती तो नुकसान का अंदाजा लगाना मुश्किल था। टीम की सूझबूझ से संभावित हानि को टाल दिया गया।


बैंस ने कहा कि पैरावट बेहद ज्वलनशील होता है। एक बार आग लग जाए तो बुझाना लगभग नामुमकिन हो जाता है। फिर भी जनसेवा के जज्बे ने आग को हरा दिया।इस सेवा कार्य में संतोष जैन अध्यक्ष राम जानकी सेवा सिमिति गोबिंद सिन्हा भीषम ठाकुर पुष्पजीत बैस कमलकान्त साहू देवराज जैन जी उपस्तिथ रहे


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