नक्सली बनकर दहशत फैलाने की साजिश नाकाम, गढ़चिरौली पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

संवाददाता : प्रणित पेदापल्लीवर  

गढ़चिरौली। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में नक्सली होने का झूठा आभास देकर आम नागरिकों में भय और दहशत फैलाने की साजिश को पुलिस ने विफल कर दिया है। लाल रंग के बैनर और नक्सली शैली के पर्चे लगाकर लोगों में डर का माहौल बनाने की कोशिश करने वाले दो आरोपियों को गढ़चिरौली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार, जिले में "ऑपरेशन अंतिम प्रहार" के तहत लगातार चलाए गए अभियानों के बाद नक्सली गतिविधियां लगभग समाप्त हो चुकी हैं। ऐसे में कुछ असामाजिक तत्वों ने खुद को नक्सली बताकर लोगों के मन में भय पैदा करने की साजिश रची, जिसे पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।

12 जुलाई 2026 को पिपली बुर्गी थाना क्षेत्र से करीब पांच किलोमीटर दूर जिजावंडी टोला जाने वाले मार्ग पर लगे दिशासूचक बोर्ड के पास लाल रंग का कपड़े का बैनर और नक्सली शैली के दो पर्चे बरामद हुए। इन पर लिखे संदेश लोगों में दहशत फैलाने वाले थे। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में विशेष जांच दल गठित किया गया।

तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर हुई जांच में शिवा अनिल मिस्त्री (48), निवासी तरुणनगर, तहसील पाखांजूर, जिला कांकेर (छत्तीसगढ़) तथा रोहित रंजीत मलिक (25), निवासी वटेली, तहसील एटापल्ली, जिला गढ़चिरौली की संलिप्तता सामने आई। जांच में पुष्टि हुई कि दोनों ने नक्सली होने का भ्रम पैदा करने के उद्देश्य से बैनर और पर्चे लगाए थे। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

14 जुलाई 2026 को पिपली बुर्गी पुलिस थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) तथा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस अब इस साजिश में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

इस कार्रवाई में शामिल अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की पुलिस अधीक्षक ने सराहना की। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी अफवाह, भ्रामक प्रचार या डर फैलाने वाले संदेशों पर विश्वास न करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पुलिस को सूचना दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि समाज में भय और दहशत फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।


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