ब्यूरो समाचार -दिनेश नेताम
गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन व सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग ने किया स्वागत, तुएगोंदी प्रकरण एवं आदिवासी पदाधिकारी की दुकान में हुई तोड़फोड़ के मामले से कराया अवगत*
बालोद। नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में उत्कृष्ट पुलिसिंग, जनसरोकारों के प्रति संवेदनशील कार्यशैली और नक्सल उन्मूलन अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी किरण गंगाराम चव्हाण ने बालोद जिले के नए पुलिस अधीक्षक के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। उनके आगमन से जिले में कानून व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। आदिवासी बाहुल्य बालोद जिले में सामाजिक समरसता, जनविश्वास और संवेदनशील पुलिसिंग को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों ने उनसे सकारात्मक अपेक्षाएं व्यक्त की हैं।
इसी कड़ी में गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन जिला बालोद एवं सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग जिला बालोद के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर नवपदस्थ एसपी किरण गंगाराम चव्हाण का माल्यार्पण, पुष्पगुच्छ एवं आदिवासी संस्कृति के प्रतीक पीला गमछा भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें जिले के सामाजिक सरोकारों एवं जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों से भी अवगत कराया।
मुलाकात के दौरान पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण ने कहा कि बालोद जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ सभी वर्गों के बीच विश्वास और बेहतर समन्वय स्थापित करना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने विशेष रूप से आदिवासी समाज के साथ सकारात्मक संवाद एवं तालमेल बनाकर कार्य करने की बात कही। उनका कहना था कि पुलिस और आमजन के बीच विश्वास जितना मजबूत होगा, कानून व्यवस्था भी उतनी ही सशक्त होगी।
युवा प्रभाग पदाधिकारी ने उन्हें तुएगोंदी क्षेत्र से जुड़े मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए आदिवासी समाज की भावनाओं एवं जनहित के मुद्दों से अवगत कराया। इसके साथ ही हाल ही में आदिवासी समाज के एक पदाधिकारी की दुकान को अज्ञात लोगों द्वारा आधी रात को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना को गंभीर बताते हुए दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष एवं त्वरित कार्रवाई की मांग की गई। ऐसी घटनाएं सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करती हैं, इसलिए इन पर संवेदनशीलता के साथ प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।
नवपदस्थ एसपी किरण गंगाराम चव्हाण इससे पूर्व सुकमा जिले के पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके नेतृत्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण अभियान संचालित किए गए, जिनमें नक्सली आत्मसमर्पण को प्रोत्साहन देने, स्थानीय समुदायों के साथ विश्वास निर्माण करने तथा शांति एवं विकास के वातावरण को मजबूत करने में उल्लेखनीय सफलता मिली। उनकी जन-केंद्रित पुलिसिंग एवं उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया जा चुका है।
बालोद जैसे आदिवासी बाहुल्य जिले में उनकी नियुक्ति को कानून व्यवस्था, सामाजिक समरसता और जनभागीदारी आधारित पुलिसिंग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समाज के प्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में बालोद पुलिस संवेदनशीलता, पारदर्शिता और न्यायपूर्ण कार्यशैली के साथ आमजन की अपेक्षाओं पर खरी उतरेगी।
इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज जिला बालोद युवा प्रभाग के अध्यक्ष ललित कांवरे, जिला मीडिया प्रभारी सूरज गावड़े, जिला युवा प्रभाग सचिव लोकेश सूर्यवंशी, गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन जिला अध्यक्ष तुलेश्वर हिचामी, गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन डौंडी ब्लॉक अध्यक्ष देव कोर्राम उपस्थित रहे।
