कांकेर का गौरव: राष्ट्रपति भवन में गूंजा पखांजूर और भानुप्रतापपुर का नाम, दो जांबाज पुलिस अधिकारियों को मिला शौर्य चक्र

 रिपोर्ट: प्रशांत सिन्हा, ब्यूरो चीफ, कांकेर , बस्तर  

कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के लिए गर्व का क्षण तब आया जब नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में पखांजूर थाना प्रभारी लक्ष्मण केंवट और भानुप्रतापपुर थाना प्रभारी रामेश्वर देशमुख को उनकी वीरता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।

नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में दोनों अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण अभियानों का सफल नेतृत्व किया है। क्षेत्र में उनकी जोड़ी को लोग "राम-लक्ष्मण" की जोड़ी के नाम से भी जानते हैं। नक्सल विरोधी अभियानों में उनकी भूमिका और बहादुरी ने सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्र में शांति और सुरक्षा स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

पखांजूर थाना प्रभारी लक्ष्मण केंवट को नक्सल विरोधी अभियानों में उनके साहसिक नेतृत्व के लिए जाना जाता है। वहीं भानुप्रतापपुर थाना प्रभारी रामेश्वर देशमुख ने अपनी रणनीतिक कार्यशैली और सूझबूझ से कई सफल ऑपरेशनों को अंजाम दिया है।

हाल ही में छोटे बेठिया क्षेत्र के जंगलों में हुए बड़े नक्सल विरोधी अभियान सहित कई महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में दोनों अधिकारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना देश और जनता की सुरक्षा के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया।

इस उपलब्धि पर पूरे कांकेर जिले, पुलिस विभाग, डीआरजी जवानों तथा क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है। लोगों ने दोनों वीर अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि उनका सम्मान पूरे छत्तीसगढ़ और बस्तर क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है।

देश को इन वीर सपूतों के शौर्य पर गर्व है।



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