रिपोर्ट: प्रशांत सिन्हा, कांकेर
कांकेर। शहर के प्रमुख और व्यस्ततम स्थलों में शामिल घड़ी चौक इन दिनों अपनी पहचान खोता नजर आ रहा है। चौक में लगी घड़ी कई दिनों से बंद पड़ी हुई है, लेकिन इसे सुधारने की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
यह चौक न केवल शहर का प्रमुख लैंडमार्क है, बल्कि यहां से प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है। मुख्यमंत्री, मंत्री, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी अक्सर इसी मार्ग से गुजरते हैं। खास बात यह है कि जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक का निवास भी यहां से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बंद पड़ी घड़ी पर सभी की नजर तो पड़ती है, लेकिन इसे दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी कोई नहीं ले रहा है। शहर की पहचान माने जाने वाले इस घड़ी चौक की उपेक्षा लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
