प्रशांत सिन्हा की रिपोर्ट
कोरर जैसे बड़े कस्बे में इन दिनों अव्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं की कमी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। नगर का एकमात्र बस स्टैंड जहां यात्रियों को सुविधा मिलनी चाहिए, वहीं आज अव्यवस्थित स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
बस स्टैंड परिसर में स्थित प्रतीक्षालय और ठंडे पानी के प्याऊ को ठेला व्यापारियों द्वारा चारों ओर से घेर लिया गया है, जिससे यात्रियों को इन सुविधाओं का सही उपयोग करने में कठिनाई हो रही है। इसके साथ ही, बढ़ते ट्रैफिक के कारण बसें सड़क पर ही खड़ी हो जाती हैं, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बनती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
वहीं दूसरी ओर, इतने बड़े कस्बे में आज तक सार्वजनिक बाथरूम और सुलभ शौचालय जैसी आवश्यक सुविधा का अभाव होना बेहद चिंताजनक है। बस स्टैंड और बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में शौचालय न होने से स्थानीय लोगों और बाहर से आने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है, जिससे स्वच्छता व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि बस स्टैंड क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कर व्यवस्थित किया जाए तथा ठेला व्यापारियों के लिए अलग से “चौपाटी” की तरह स्थान निर्धारित किया जाए। साथ ही, नगर में प्रमुख स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय और बाथरूम की जल्द से जल्द व्यवस्था की जाए।
यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले समय में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
