प्रेम शर्मा ने कहा कि कुछ माह पूर्व युवा मोर्चा के पदाधिकारियों की घोषणा के दौरान मुख्य चौक में आतिशबाजी की अनुमति नहीं दी गई थी। उस समय इसका विरोध भी हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष एवं परिवहन संघ अध्यक्ष गुरदीप सिंह ढींढसा के जन्मदिन पर खुलेआम आतिशबाजी की गई, जिसमें कांग्रेस के कई पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि कानून और नियम सभी के लिए समान होने चाहिए तथा प्रशासन को इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
वहीं कांग्रेस नेताओं रवि दुग्गा, अनुराग शर्मा, आयुष शर्मा और कुणाल टेकाम ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रदेश और क्षेत्र की जनता महंगाई, किसानों की समस्याओं, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी तथा अन्य बुनियादी मुद्दों से जूझ रही है। ऐसे समय में भाजपा वास्तविक जनसमस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए छोटे मुद्दों को राजनीतिक रंग दे रही है।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि गुरदीप सिंह ढींढसा का जन्मदिन मुख्य चौक पर नहीं बल्कि चौक के समीप स्थित एक चाय ठेले के पास सादगीपूर्ण तरीके से मनाया गया था और किसी भी मुख्य मार्ग को बाधित नहीं किया गया। उन्होंने भाजपा को अपनी सरकार की नीतियों और जनहित के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।
फिलहाल इस मामले को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जबकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
