न्यूज 24 इंडिया ब्यूरो चीफ अशोकनगर दिनेश कुमार सेन
महिदपुर (अशोकनगर)। ग्राम महिदपुर में पूज्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 श्री पुरुषोत्तम दास जी महाराज के पावन सानिध्य एवं श्री तला वाले हनुमान जी महाराज के संरक्षण में आयोजित 21 कुंडात्मक श्रीराम महायज्ञ, विराट संत सम्मेलन एवं संगीतमय श्रीराम कथा का आयोजन अत्यंत भव्य एवं दिव्य स्वरूप में निरंतर जारी है। धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।आयोजन समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आगामी दिनों में आयोजित होने वाले विराट संत सम्मेलन में देशभर के अनेक प्रतिष्ठित संत, महामंडलेश्वर, महंत एवं जगद्गुरुओं की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। विशेष रूप से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, अयोध्या के अध्यक्ष परम पूज्य श्री श्री महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज के उत्तराधिकारी श्री महंत कमलनयन दास जी महाराज, श्री मणिराम दास छावनी, अयोध्या धाम से पधारकर श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान करेंगे। इसके अतिरिक्त वृंदावन की पावन भूमि स्थित सुदामा कुटी से जगद्गुरु सुतीक्ष्ण दास देवाचार्य जी महाराज, विष्णु स्वामी संप्रदायाचार्य जगद्गुरु विजय रामदेवाचार्य (भैया जी महाराज) सहित अनेक जगद्गुरु, महामंडलेश्वर, महंत एवं संत महात्माओं का पावन सानिध्य प्राप्त होगा। संतों के आगमन को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
धर्मप्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी संगीतमय श्रीराम कथा का रसपान परम पूज्य जगद्गुरु रामानंदाचार्य श्री रामदिनेशाचार्य जी महाराज, श्रीधाम अयोध्या के श्रीमुख से कराया जा रहा है। कथा में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, धर्म, मर्यादा, त्याग एवं भक्ति के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कर रहे हैं। यह विशाल धार्मिक आयोजन राष्ट्रीय संत श्री पुरुषोत्तम दास जी महाराज की कृपा-पात्र शिष्य परंपरा के अंतर्गत महंत श्री 108 महावीर दास जी महाराज के अथक प्रयासों तथा समस्त ग्रामीणों, भाविक भक्तों एवं क्षेत्रवासियों के सहयोग से सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। आयोजन समिति ने समस्त क्षेत्रवासियों एवं धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से विनम्र आग्रह किया है कि अधिक से अधिक संख्या में पधारकर इस भव्य एवं दिव्य धार्मिक आयोजन के साक्षी बनें, संतों के दर्शन एवं आशीर्वाद का लाभ प्राप्त करें तथा अपने जीवन को धन्य बनाएं। धार्मिक वातावरण से संपूर्ण क्षेत्र राममय एवं भक्तिमय हो उठा है।
