दिनेश नेताम
डौण्डी
समस्त सर्वआदिवासी समाज डौण्डी के द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजन किया जिसमे तुएगोंदी मे जतरा कार्यक्रम मे उपस्थिति देने समाज से निवेदन किया गया जिसमे प्रकृति शक्ति, पेन पुरखा एवं पूर्वजों की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति और आस्था के प्रतीक पेन/देव जतरा (जमहा पाट) मे आयोजन किया जा रहा है जो
दिनांक 20 जून 2026 (शनिवार) स्थान : तुएगोंदी जमहा पाट, करसाड़ (जतरा)प्रकृति शक्ति, पेन शक्ति एवं पुरखा शक्ति के इस पावन अवसर पर समस्त आदिवासी समाज अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर पेन पुरखाओं के प्रति सेवा अर्जी अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे तथा अपनी गौरवशाली संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को सशक्त बनाएं रखने यह जतरा का आयोजन किया जा रहा है।कार्यक्रम मे पेन/देव पूजन एवं सेवा अर्जी पारंपरिक रीति-रिवाज एवं देव जतरा
प्रकृति, समाज एवं मानव कल्याण हेतु सामूहिक मंगल कामना, सामूहिक भोजन एवं सेवा के साथ समाज, गांव, समस्त सर्वआदिवासी समाज डौण्डी द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजन किया जिसमे तुएगोंदी मे जतरा कार्यक्रम मे उपस्थिति देने समाज से निवेदन किया गया जिसमे प्रकृति शक्ति, पेन पुरखा एवं पूर्वजों की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति और आस्था के प्रतीक पेन/देव जतरा (जमहा पाट) मे आयोजन किया जा रहा है जो
दिनांक 20 जून 2026 (शनिवार) स्थान : तुएगोंदी जमहा पाट, करसाड़ (जतरा)प्रकृति शक्ति, पेन शक्ति एवं पुरखा शक्ति के इस पावन अवसर पर समस्त आदिवासी समाज अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर पेन पुरखाओं के प्रति सेवा अर्जी अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे तथा अपनी गौरवशाली संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को सशक्त बनाएं रखने यह जतरा का आयोजन किया जा रहा है।
पेन/देव पूजन एवं सेवा अर्जी पारंपरिक रीति-रिवाज एवं देव जतरा
प्रकृति, समाज एवं मानव कल्याण हेतु सामूहिक मंगल कामना, सामूहिक भोजन एवं सेवा के साथ समाज, गांव, जंगल, जल, जमीन और संस्कृति की रक्षा एवं समाज में एकता, भाईचारा, सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने के लिए ऐसा आयोजन जरूरी होता जिससे हमारी आने वाली पीढ़ियों को ज्ञान, संस्कार और शक्ति मिलती है। यहां इस जतरा मे पारंपरिक वेशभूषा, परिधान मे सामाजिक उपस्थित होंगे जिससे इसकी भव्यता व महत्तव बढ़ जायेगा.
सर्व आदिवासी समाज, जिला बालोद
एवं समस्त समाज प्रमुख, पदाधिकारी एवं ग्राम प्रतिनिधिगण इस आयोजन को सफल बनाने मे जुट गये है।जंगल, जल, जमीन और संस्कृति की रक्षा एवं समाज में एकता, भाईचारा, सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने के लिए ऐसा आयोजन जरूरी होता जिससे हमारी आने वाली पीढ़ियों को ज्ञान, संस्कार और शक्ति मिलती है। यहां इस जतरा मे पारंपरिक वेशभूषा, परिधान मे सामाजिक उपस्थित होंगे जिससे इसकी भव्यता व महत्तव बढ़ जायेगा.
सर्व आदिवासी समाज, डौण्डी
एवं समस्त ग्राम समाज प्रमुख, पदाधिकारी एवं ग्राम प्रतिनिधिगण इस आयोजन को सफल बनाने मे जुट गये है। और लोगों से अपील की है की अधिक से अधिक संख्या मे अपनी उपस्थिति दे।

