संवाददाता - पवन कुमार साहू
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 2 पंडर दल्ली क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 51 और वार्ड क्रमांक 9 के केंद्र क्रमांक 54 में संयुक्त रूप से भव्य आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व केंद्र 54 की कार्यकर्ता मनीषा पटेल और केंद्र 51 की कार्यकर्ता वीणा सुरेन्द्र ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम में पोषण माह, न्योता भोज, गोद भराई, खिलौना दान, रंगोली और छत्तीसगढ़ी व्यंजन प्रतियोगिता जैसे कई आयोजन हुए जिसने सभी का दिल जीत लिया।
*दो माताओं की हुई गोद भराई*
सेवा संकल्प अभियान के तहत कार्यक्रम में दो गर्भवती माताओं की गोद भराई पूरे विधि-विधान, हल्दी-कुमकुम और मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न कराई गई।
*मुख्य अतिथि - पार्षद पूनम सोमेश जायसवाल का उद्बोधन:*
अपने उद्बोधन में पार्षद श्रीमती पूनम सोमेश जायसवाल ने कहा
"आज का दिन मेरे लिए दोहरी खुशी का दिन है। एक तरफ मेरी बेटी हर्षिता जायसवाल का जन्मदिन है और दूसरी तरफ इन नन्हे-मुन्ने बच्चों और माताओं के बीच आकर मुझे अपार खुशी मिल रही है। केंद्र सरकार और हमारी छत्तीसगढ़ सरकार ने आंगनबाड़ी को सिर्फ एक केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य की पहली पाठशाला बनाया है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत यह आंगन मिलन कार्यक्रम बहुत ही सराहनीय पहल है। इसके माध्यम से हम माता-पिता को यह समझा पाते हैं कि पोषण क्या है, स्वास्थ्य क्या है। मैं वार्ड के सभी पालकों से हाथ जोड़कर निवेदन करती हूँ, आप अपने 3 से 6 साल के बच्चों को अनिवार्य रूप से आंगनबाड़ी भेजिए। यहीं पर बच्चा अनुशासन सीखता है, प्रेम करना सीखता है, और अच्छा पोषण पाता है।
गर्भवती माताओं के लिए भी आंगनबाड़ी किसी मायके से कम नहीं है। यहाँ पर आपको शासन की महतारी वंदन योजना से लेकर टीकाकरण, आयरन की गोली, बच्चों की परवरिश तक की पूरी जानकारी मिलती है। मैं यहाँ की कार्यकर्ता भावना और अनीता दीदी को दिल से धन्यवाद देती हूँ जो रोज इतने सारे बच्चों को संभालती हैं, यह बहुत कठिन काम है लेकिन वे माँ की तरह करती हैं। मेरी बेटी हर्षिता के जन्मदिन पर यहाँ न्योता भोज करके मैं खुद को धन्य मान रही हूँ।"
उनके द्वारा हर्षिता बेटी के जन्मदिन के अवसर पर बच्चों और माताओं के लिए खीर, पूरी, दाल-चावल, सब्जी, सलाद का न्योता भोज कराया गया।
*विशेष अतिथि - समाजसेवी द्रौपदी साहू का उद्बोधन:*
समाजसेवी श्रीमती द्रौपदी साहू ने कहा -
आंगनबाड़ी ही बच्चों का पहला स्कूल है, पहला मंदिर है। जहाँ बच्चा पहली बार अ, आ, इ, ई सीखता है, पहला कौर खाना सीखता है। यहाँ पर हमारे बच्चे खेल-खेल में पढ़ना, लिखना और सबसे मिलजुल कर रहना सीखते हैं। आंगनबाड़ी में बच्चों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाता है, समय-समय पर टीके लगते हैं, वजन नापा जाता है और पौष्टिक आहार दिया जाता है। मैं इन आंगनबाड़ी दीदियों को प्रणाम करती हूँ, एक छोटे बच्चे को घर में संभालना मुश्किल होता है, ये यहाँ 30-40 बच्चों को संभालती हैं। यह सेवा नहीं तपस्या है। मेरी सभी बहनों से निवेदन है कि आप महीने में एक बार आंगनबाड़ी जरूर आइए और शासन की योजनाओं की जानकारी लीजिए, ताकि कोई भी हितग्राही योजना से वंचित न रहे।"
इस अवसर पर उन्होंने अपने पिताजी स्व. छबीलाल की स्मृति में भी न्योता भोज का आयोजन किया।
*सुपरवाइजर किरण नायक ने दी महत्वपूर्ण जानकारी:*
सेक्टर सुपरवाइजर किरण नायक ने अपने उद्बोधन में कहा कि बेटियों का विवाह 18 वर्ष से कम उम्र में कदापि न करें। कम उम्र में विवाह से बेटियां शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर रह जाती हैं। उन्हें पढ़ा-लिखाकर अपने पैरों पर खड़ा करें। साथ ही उन्होंने महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने मिल रहे 1000 रुपये का सदुपयोग बच्चों की शिक्षा और पोषण में करने की अपील की।
कार्यक्रम में पोषण वृत्त के माध्यम से गर्भवती और धात्री माताओं को क्या खाना चाहिए इसकी भी जानकारी दी गई। प्रतियोगिताओं में मोमबत्ती जलाओ में दीनता निषाद प्रथम, मटका फोड़ में मालती देवांगन प्रथम और व्यंजन में तनुजा यादव प्रथम रहीं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला समूह, महतारी वंदन हितग्राही, गर्भवती माताएं, मितानिनें, सहायिकाएं और स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे। संचालन वीणा सुरेंद्र ने किया, आभार मनीषा पटेल ने माना और लोकेश्वरी साहू एवं रेखा का विशेष सहयोग रहा।



