संवाददाता पवन कुमार साहू
कुसुमकसा/अरमुरकसा। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में चल रहे सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत जनपद क्षेत्र अरमुरकसा में निर्माणाधीन श्री राम-जानकी मंदिर की छत ढलाई के दौरान श्रद्धा, सेवा और सामाजिक समरसता का प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला। राम-जानकी सेवा समिति, सनातनी समाज, ग्रामवासियों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर श्रमदान किया और मंदिर निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया। जिला संघ चालक राजेंद्र राठी जी व दल्ली नगर संघ चालक महेन्द्र भाई पटेल ने श्रम दान किया
कार्यक्रम में पूर्व जनपद सदस्य एवं भाजपा नेता संजय बैस ने स्वयं निर्माण कार्य में श्रमदान करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का मंदिर केवल ईंट-पत्थरों का निर्माण नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और समाज की एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब पूरा समाज बिना किसी भेदभाव के एक उद्देश्य के लिए साथ खड़ा होता है, तब सेवा ही सबसे बड़ा धर्म बन जाती है।
अपने उद्बोधन में संजय बैस ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा सेवा पखवाड़ा के माध्यम से समाज सेवा की जो प्रेरणा दी गई है, वह जनभागीदारी की सशक्त मिसाल है। मंदिर निर्माण में श्रमदान कर हर व्यक्ति ने यह संदेश दिया है कि राष्ट्र निर्माण और समाज निर्माण की शुरुआत अपने गांव और अपने धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्रों से होती है। उन्होंने सभी युवाओं से ऐसे सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
राम-जानकी सेवा समिति के सदस्यों और ग्रामीणों ने पूरे उत्साह के साथ छत ढलाई का कार्य संपन्न कराया। कार्यक्रम के दौरान सेवा, समर्पण और सहयोग की भावना पूरे वातावरण में दिखाई दी तथा सभी ने इसे गांव की सामूहिक आस्था का उत्सव बताया।
इस अवसर पर संतोष जैन, कमलकांत साहू, पोषण भूआर्य, गौरीशंकर साहू, तेजराम राम साहू, राजू सिन्हा, कमलेश्वर सिन्हा, मनीष जेठवानी, टिकेंद्र साहू, राकेश देवांगन, मिथिलेश जी, प्रवीण जैन, शेखर रेड्डी पंकज जेठवानी, गौतम साहू पुष्पजीत बैस संदीप साहू पोषण धनकर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे और श्रमदान में सक्रिय सहभागिता निभाई।
### सहयोगियों के प्रति आभार
कार्यक्रम के अंत में संजय बैस ने राम-जानकी सेवा समिति, सभी सनातनी भाइयों, भाजपा कार्यकर्ताओं, ग्रामवासियों तथा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले प्रत्येक सहयोगी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी के श्रम, समर्पण और सहयोग से मंदिर निर्माण का यह पावन कार्य सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इसी एकजुटता और सेवा भावना के साथ श्री राम-जानकी मंदिर शीघ्र ही भव्य स्वरूप में क्षेत्र की आस्था का केंद्र बनेगा।
"सेवा ही संस्कार है, सेवा ही संकल्प है; सामूहिक श्रमदान ही समाज की सबसे बड़ी शक्ति है।" — संजय बैस

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