तीज पर्व की पूर्व संध्या पर हजारों बहनों ने किया करुभात ग्रहण, जनपद सदस्य मंजू संजय बैस ने भेंट की श्रृंगार सामग्री

संवाददाता - पवन कुमार साहू  

कुसुमकसा। हरितालिका तीज पर्व की पूर्व संध्या पर कुसुमकसा में आयोजित 11वें पारंपरिक करुभात महोत्सव में आस्था, परंपरा और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला। शिव मंदिर प्रांगण में हजारों सुहागिन एवं युवतियां एक साथ बैठकर करुभात का प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर जनपद सदस्य श्रीमती मंजू संजय बैस ने भगवान भोलेनाथ का पूजन-अर्चन कर श्रृंगार सामग्री अर्पित की तथा अखंड सौभाग्य की कामना के साथ सभी सुहागिन बहनों को श्रृंगार सामग्री भेंट कर तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं।


कार्यक्रम का शुभारंभ मंदिर के पुजारी लखन गिरी गोस्वामी द्वारा भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा एवं सामूहिक महाआरती से हुआ। पूजा के पश्चात वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार हजारों बहनें एक साथ बैठीं और भाईचारे की भावना के साथ करुभात का प्रसाद ग्रहण किया। करुभात आयोजन समिति के सदस्यों ने प्रेमपूर्वक सभी बहनों को हलवा, दाल, चावल एवं करेले की सब्जी परोसकर सेवा की।

इस अवसर पर बहनों ने अपनी पुरानी सहेलियों से मिलकर बचपन और पुराने दिनों की मधुर स्मृतियों को साझा किया, जिससे पूरा परिसर उल्लास और आत्मीयता से सराबोर हो उठा। श्रृंगार सामग्री वितरण के दौरान महिलाओं ने मंजू संजय बैस की इस पहल की सराहना करते हुए इसे तीज पर्व की परंपरा और सुहागिनों के सम्मान से जुड़ा भावपूर्ण प्रयास बताया।

यह करुभात आयोजन गांव के दिवंगत शिक्षक स्वर्गीय अवध पिस्दा के नेतृत्व में 11 वर्ष पूर्व प्रारंभ हुआ था। आज भी ग्रामीणजन उसी समर्पण के साथ इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि हिंदू समाज के साथ मुस्लिम समाज के भाइयों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग देकर सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी संस्कृति की मिसाल पेश की।


कार्यक्रम को सफल बनाने में शंकर पिस्दा, गोविंद सिन्हा, नंदकिशोर पिस्दा, वाय.पी. गांगुली, श्यामलाल लेड़िया, राजू सिन्हा, डॉ. नसीम खान, सुरेश कोठारी, गांधी सिन्हा, गंगाधर लेड़िया, संतोष जैन, जगन्नाथ सिवाना अब्दुल हसीब खान अरविंद साहू सोमनाथ रावटे एवं ग्राम की सरपंच वेद बाई पिस्दा सहित सभी ग्राम के वार्ड पंच -पुष्पजीत बैस, पूनम सिन्हा, जीवन साहू, नितिन जैन सहित राम जानकी सेवा समिति के अध्यक्ष गौरी शंकर साहू और उनके सीमित के सभी लोग सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजनों का उल्लेखनीय सहयोग रहा।


### “संस्कृति और समरसता का उत्सव है तीज” — संजय बैस


इस अवसर पर पूर्व जनपद सदस्य एवं भाजपा नेता संजय बैस ने कहा कि तीज पर्व हमारी मातृशक्ति की आस्था, परिवार की खुशहाली और भारतीय संस्कृति का पावन प्रतीक है। कुसुमकसा का 11 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा करुभात महोत्सव इस बात का प्रमाण है कि जब पूरा गांव एक परिवार बनकर परंपराओं को निभाता है, तब संस्कृति और सामाजिक एकता दोनों मजबूत होती हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू-मुस्लिम समाज का मिलकर इस आयोजन को सफल बनाना कुसुमकसा की पहचान है। उन्होंने आयोजन समिति, सभी सहयोगियों एवं हजारों बहनों को तीज पर्व की शुभकामनाएं देते हुए ऐसी लोक परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक जीवंत बनाए रखने का आह्वान किया।

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