संवाददाता : प्रणित पेदापल्लीवर
गढ़चिरौली जिले के एटापल्ली तहसील अंतर्गत जारावंडी वन क्षेत्र एक बार फिर अपनी समृद्ध जैव विविधता को लेकर चर्चा में है। वन विभाग द्वारा लगाए गए अत्याधुनिक कैमरा ट्रैप में रॉयल बंगाल टाइगर और दुर्लभ धारीदार लकड़बग्घा की अलग-अलग तस्वीरें कैद हुई हैं। इन तस्वीरों ने यह साबित कर दिया है कि जारावंडी का घना जंगल आज भी वन्यजीवों के लिए सुरक्षित और प्राकृतिक आवास बना हुआ है।
कैमरा ट्रैप में रात के अंधेरे में पूरे आत्मविश्वास के साथ जंगल की पगडंडी पर चलता बाघ और सुबह के समय भोजन की तलाश में घूमता धारीदार लकड़बग्घा स्पष्ट दिखाई दे रहा है। एक ही वन क्षेत्र में इन दोनों महत्वपूर्ण वन्य प्रजातियों की मौजूदगी को वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जहां बाघ की मौजूदगी स्वस्थ और संतुलित जंगल का संकेत होती है, वहीं धारीदार लकड़बग्घा जंगल की प्राकृतिक सफाई व्यवस्था को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जारावंडी क्षेत्र में पहले भी बाघ की सक्रियता के प्रमाण मिल चुके हैं, लेकिन अब धारीदार लकड़बग्घे की तस्वीरें सामने आने से यह क्षेत्र वन्यजीवों की दृष्टि से और भी महत्वपूर्ण बन गया है। इससे स्पष्ट होता है कि यहां का प्राकृतिक पर्यावरण और जंगल का पारिस्थितिक तंत्र अभी भी मजबूत और जीवंत है।वन विभाग का कहना है कि कैमरा ट्रैप से प्राप्त यह रिकॉर्ड वन्यजीवों की निगरानी, संरक्षण और उनके आवागमन का अध्ययन करने में बेहद उपयोगी साबित होगा। विभाग ने जंगल से सटे गांवों के लोगों से अपील की है कि वे जंगल में अनावश्यक प्रवेश न करें, वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें तथा किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें।

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