खरगोन जिले से अजीज सूफी की रिपोर्ट
खरगोन/20 जुलाई 2026/, विधायक एवं पूर्व कृषि मंत्री सचिन सुभाष यादव ने निमाड़ अंचल, विशेषकर खरगोन एवं बड़वानी जिले के किसानों की गंभीर समस्या को देखते हुए इंदिरा सागर परियोजना (नहर) के मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर सिंचाई परियोजनाओं की नहरों में तत्काल पानी छोड़े जाने की मांग की है।
श्री यादव ने कहा कि क्षेत्र में वर्षा की कमी के कारण किसानों की खरीफ फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। किसानों ने महंगे बीज, खाद एवं अन्य कृषि आदानों पर भारी खर्च कर फसलें बोई हैं, लेकिन पर्याप्त वर्षा नहीं होने से उनकी मेहनत और पूंजी दोनों संकट में हैं। ऐसे समय में यदि समय पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं कराया गया तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान किसानों ने बड़ी संख्या में नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग रखी है। वर्तमान में निजी जल स्रोतों का जलस्तर भी लगातार नीचे जा रहा है, जिससे किसान अपनी फसलों की सिंचाई करने में असमर्थ हैं। ऐसी स्थिति में इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर एवं अन्य सिंचाई परियोजनाओं की नहरों में शीघ्र पानी छोड़ा जाना अत्यंत आवश्यक है।
सचिन यादव ने शासन एवं सिंचाई विभाग से आग्रह किया कि किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर एवं अन्य सिंचाई परियोजनाओं की नहरों में अति शीघ्र पानी छोड़े जाने के निर्देश जारी किए जाएं, ताकि हजारों किसानों की खड़ी फसलों को सूखने से बचाया जा सके और उन्हें आर्थिक संकट से राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही प्राकृतिक परिस्थितियों और बढ़ती खेती की लागत से जूझ रहा है। ऐसे कठिन समय में सरकार और प्रशासन का दायित्व है कि किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराकर उनकी मेहनत और फसल दोनों को सुरक्षित रखा जाए। किसान हित सर्वाेपरि है और इस विषय पर तत्काल निर्णय लिया जाना आवश्यक है।
