शिक्षा के क्षेत्र में मिसाल: दीक्षा पब्लिक स्कूल ने तीसरी जरूरतमंद बच्ची को दिया मुफ्त प्रवेश, 13 साल तक नहीं लगेगी कोई फीस

 न्यूज 24 इंडिया ब्यूरो चीफ अशोकनगर दिनेश कुमार सेन   

​ईसागढ़ 

बेटियों की शिक्षा और उनके उज्जवल भविष्य को संवारने की दिशा में ईसागढ़ के दीक्षा पब्लिक स्कूल ने एक बार फिर समाज के सामने एक सराहनीय मिसाल पेश की है। स्कूल प्रबंधन द्वारा हर साल तीन जरूरतमंद बच्चियों को मुफ्त शिक्षा देने के अपने संकल्प को दोहराते हुए, इस वर्ष की तीसरी बच्ची का भी संस्थान में पूरी तरह से नि:शुल्क प्रवेश सुनिश्चित किया गया है।

​नर्सरी से 10वीं तक की शिक्षा रहेगी पूरी तरह मुफ्त

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की इस बच्ची को स्कूल में प्रवेश मिलने के बाद अब अगले 13 वर्षों तक (नर्सरी से कक्षा 10वीं तक) शिक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की कोई फीस नहीं देनी होगी। परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए स्कूल प्रशासन ने यह सराहनीय कदम उठाया है ताकि पैसों के अभाव में बच्ची की पढ़ाई न छूटे।


*​BRCC राजकुमार रघुवंशी का रहा विशेष सहयोग*


​इस पुनीत कार्य में ईसागढ़ के बीआरसीसी (BRCC)  राजकुमार रघुवंशी का विशेष और मार्गदर्शक सहयोग रहा। उन्होंने बच्ची के पिता को स्कूल की इस जनकल्याणकारी नीति से अवगत कराया और बताया कि दीक्षा पब्लिक स्कूल हर साल तीन बेटियों को मुफ्त शिक्षा (मुफ्त प्रवेश) प्रदान करता है। उनके इस प्रयास के बाद ही बच्ची का भविष्य सुरक्षित हो सका।


*​ईसागढ़ और आसपास के क्षेत्र में सराहना की लहर*



​इस सराहनीय पहल की जानकारी दीक्षा पब्लिक स्कूल के डायरेक्ट विक्की यादव  ने देते हुए बताया  विद्यालय परिवार "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" के नारे को धरातल पर सच करने की दिशा में उठाया गया एक कदम हैँ वहीँ जिसके बाद क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और शिक्षाविदों द्वारा स्कूल प्रबंधन और विद्यालय के डायरेक्टर विक्की यादव और बीआरसीसी राजकुमार रघुवंशी जी की जमकर प्रशंसा की जा रही है। कहा जा सकता हैँ "शिक्षा ही सबसे बड़ा दान है" 

​, लोगों का कहना है कि आज के दौर में जहाँ शिक्षा का व्यवसायीकरण हो रहा है, ऐसे समय में दीक्षा पब्लिक स्कूल और शासकीय अधिकारियों का ऐसा तालमेल समाज के लिए एक प्रेरणा पुंज है।


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