कोकानपुर स्कूल मैदान में बहाया जा रहा घर का गंदा पानी

अरुण कुमार रावत   

जिस खेल मैदान में युवा छात्र अपनी शारीरिक दक्षता बढ़ाते है और मानसिक के साथ शारीरिक रूप से समग्र विकास करते है उस मैदान पर अब घर का गंदा पानी को छोड़ कर भारत सरकार की महत्वकांक्षी मिशन को ठेंगा दिखाया जा रहा है जिम्मेदार प्रतिनिधि तमाशा देख रहे है । कोकानपुर मैदान में तीन स्कूलों के छात्र - छात्राओं के साथ गांव के युवा खेलप्रेमी एक मात्र इसी मैदान पर निर्भर है, पर आज यहाँ आलम ऐसा है कि पर्याप्त, स्वच्छ और सुरक्षित खेल मैदान की सुविधा होना अनिवार्यता सुनिश्चित नहीं कर पा रहे है वैसे तो नई शिक्षा नीति में स्वच्छता महत्वपूर्ण घटक है। इन स्कूल मैदानों के रखरखाव का प्राथमिक उत्तरदायित्व स्थानीय स्तर पर ग्राम पंचायत एवं जिला स्तर पर जिला प्रशासन का है।


           स्कूल मैदानों की उपेक्षा, गंदगी एवं उसके अनुचित उपयोग की खबरें लगातार आती रहती हैं जिससे स्कूल के खेल मैदान का मुख्य उपयोग अर्थात बच्चों की खेल गतिविधियां प्रभावित होती है। इसी प्रकार का एक मामला कांकेर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कोकानपुर का है। ग्राम कोकानपुर का स्कूल मैदान उपेक्षा की उस स्थिति में है कि बच्चे अब यहां खेलने से भी कतराते हैं। कोकानपुर के इस मैदान से शासकीय हाई स्कूल, प्राथमिक शाला एवं सरस्वती शिशु मंदिर संबद्ध है जिनके बच्चों के लिए यह एकमात्र खेल मैदान है इसके साथ ही यह मैदान अन्य सार्वजनिक कार्यों के लिए भी उपयोग किया जाता है, किन्तु  विगत कुछ वर्षों से मैदान के एक ओर निवासरत सेवा निवृत्त शिक्षक लोचन कुमार भारद्वाज द्वारा लगातार अपने घर का दूषित एवं गंदा पानी मैदान में ही छोड़ दिया जाता है जो खेल मैदान के बीच तक जा कर जमा हो जाता है इस परिवार द्वारा कई वर्षों से गंदे पानी की निकासी मैदान में करने के कारण स्कूल के बच्चों, पढ़ाने वाले शिक्षकों एवं आस-पास निवास करने वाले लोगों को भी बड़ी समस्या से गुजरना पड़ रहा है वर्तमान में उक्त परिवार द्वारा पक्का पाईप लगा कर मैदान में स्वयं के द्वारा निर्मित गड्ढे में जोड़ा जा रहा है जहां से निकल कर उनके घर का गंदा पानी मैदान में बहता रहता है इस स्थिति की जानकारी होने के बाद भी ग्राम पंचायत कोकानपुर के निर्वाचित जनप्रतिनिधि निष्क्रिय बनें हुए हैं। हाई स्कूल कोकानपुर के शिक्षकों ने जानकारी देते हुए बताया कि बीते शिक्षा सत्र में स्कूल एवं शाला विकास समिति द्वारा मैदान में घर का दूषित पानी छोड़ने से स्कूल के बच्चों को खेलनें में वर्ष भर होने वाली समस्या, दुर्गंध एवं स्कूल आने-जाने में होने वाली दिक्कत की लिखित रूप से ग्राम पंचायत को शिकायत किया गया था किंतु इसके बाद भी ग्राम पंचायत कोकानपुर द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। संबंधित परिवार द्वारा मैदान के पास निर्मित गड्ढे को जिसमें सदैव गंदा पानी भरा रहता है एवं दुर्गंध युक्त पानी लगातार बहता रहता है इसे पाट कर बंद करनें के लिए इतने वर्ष बाद भी कोई कड़ा निर्णय नहीं लिया जाना ग्राम पंचायत कोकानपुर की


निष्क्रियता एवं अपने दायित्वों से बचने को दर्शाता है। ग्राम क्षेत्र के सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण का दायित्व ग्राम पंचायतों को सौपा गया है किंतु ग्राम पंचायत कोकानपुर अपने इस दायित्व का निर्वहन करनें में विफल साबित हो रहा है इससे ग्राम पंचायत कोकानपुर की मौन स्वीकृति प्रमाणित होती है जिसका नुकसान स्कूली बच्चों, शिक्षकों एवं आस-पास निवासरत लोगों को हो रहा है ग्राम पंचायत की इस निष्क्रिय स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन को सार्वजनिक स्कूल मैदान के संरक्षण हेतु तत्काल उचित कार्यवाही किए जाने की आवश्यकता है जिससे स्कूल मैदान एवं बच्चों के खेल के अधिकार का संरक्षण हो सके। ज्ञात हो कि बच्चों के लिए खेल के मैदान के उपयोग का अधिकार उनका मौलिक अधिकार है जिसपर कई बार न्यायालय को हस्तक्षेप कर इसका परिपालन सुनिश्चित करना पड़ा है जो स्कूल मैदानों की महत्ता को दर्शाता है।

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