दिनेश कुमार सेन
आज आशा एवं सुपरवाइजर कार्यकर्ता महासंघ अशोकनगर द्वारा भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष हरि सिंह रघवंशी (हैरी) के नेतृत्व मै एवं आशा एवं सुपरवाइजर कार्यकर्ता महासंघ मध्यप्रदेश की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती पूजा पटेल की उपस्थिती मे अशोकनगर कलेक्ट्रेट गेट के सामने 5 घंटे धारणा दर्शन करके रैली निकालकर 14 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री महोदय के नाम द्वारा कलेक्टर महोदय अशोक नगर के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौपा गया
ज्ञापन का वाचन श्रीमती पूजा पटेल द्वारा किया गया
यह है कि दिनांक 06 सितम्बर 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री महोदय द्वारा आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा सुपरवाइजरों की उपस्थिति में निम्नलिखित घोषणाएँ की गई थीं-
प्रत्येक आशा कार्यकर्ता एवं आशा सुपरवाइजर को प्रति वर्ष ₹1000 की वृद्धि प्रदान की जाएगी। जो कि अभी तक आशा कार्यकर्ता को प्रदान नहीं की जा रही है।
अतः हम सभी आशा कार्यकर्ता एवं सुपरवाइजर आपसे विनम्र निवेदन करते हैं कि-
केन्द्र शासन द्वारा आशा कार्यकर्ता को 2000/- प्राप्त होते हैं एवं राज्य शासन के द्वारा 4000/-प्राप्त होते हैं एवं एन.एच.एम. द्वारा अन्य प्रकार का इनसेंटिव प्राप्त होता है। ऐसा करके आशा कार्यकर्ता को तीन प्रकार से मानदेय मिलता है जो कि कई महिनों से आशा कार्यकर्ता एवं सुपरवाईजर को कई महिनों तक प्रोत्साहन राशि नहीं दी जा रही है। जिसके कारण आशा कार्यकर्ता एवं सुपरवाईजर परेशानियों का सामना कर रही है। जब वे अधिकारियों के पास जाती है तो उनके द्वारा कई प्रकार के उन्हें आश्वासन दिये जाते है। उन्हें कभी कहा जाता है कि बजट नहीं है कभी बोलते हैं कि साफ्टवेयर खराब है ऐसे कई प्रकार उन्हें गुमराह किया जाता है जो कि गलत है। जब आशा कार्यकर्ता एवं सुपरवाईजर परेशानियों का सामना कर रही है जैसे हम सरकार से यह चाहते हैं कि जिस प्रकार पूर्व में हमारी राशि केन्द्र, राज्य एवं एन.एच.एम. द्वारा एक मुश्त दी जाती थी उसी प्रकार दी जावे, क्योंकि हमारी आशा एवं सुपरवाईजर कम पढ़ी लिखी है इसलिये उन्हें यह पता ही नहीं चलता है कि कौन सी राशि आयी है और कौन सी नहीं। इस वजह से हमारी आशा एवं सुपरवाईजर में हताशा व्याप्त है। हम माननीय मुख्यमंत्री जी से निवेदन करते हैं कि जिस प्रकार हमारी राशि पूर्व में एकमुश्त आ रही थी उसी प्रकार दी जाये। ताकि हमारी आशा एवं सुपरवाईजर अपना भरण-पोषण सही तरीके से कर सके।
महोदय, अत्यंत खेद के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि उपरोक्त घोषणाओं के क्रियान्वयन में अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। विशेष रूप से यह अत्यंत चिंता का विषय
कि आशा कार्यकर्ताओं को कई बार लगातार तीन-तीन माह तक पारिश्रमिक प्राप्त नहीं होता है, जिससे वे आर्थिक रूप से अत्यधिक संकट में आ जाती हैं। अधिकांश आशा कार्यकर्ता सामाजिक रूप से पिछड़े एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आती हैं, अतः यह असमय भुगतान न केवल उनके जीवन को प्रभावित करता है, बल्कि उनके कर्तव्य पालन में भी बाधा उत्पन्न करता है।
प्रमुख न्यायोचित मांगों को पूर्ण करने की संगठन मांग करता है :-
1. आशा वर्कर्स को न्यूनतम् रू. 18000/- आशा सहयोगिनी रू. 24000/- प्रतिमाह वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जावे।
2. आशा वर्कर्स, आशा सहयोगिनी को ईपीएफ एवं ईएसआई के दायरे में लाया जाय साथ ही पेंशन का भुगतान किया जावे।
3. आशा वर्कर्स, आशा सहयोगिनी को कार्य के दौरान दुर्घटना होने पर अथवा मृत्यु होने पर रू. 05 लाख की राशि का भुगतान बतौर मुआवजा के रूप में किया जावे।
4. आशा वर्कर्स, आशा सहयोगिनी को रिटायर बेनिफिट के रूप में एक मुश्त रू. 10 लाख की राशि का भुगतान किया जावे।
5. कार्य का बंधन हटाते हुए योग्यताधारी आशा वर्कर्स को एएनएम के पद पर पदोन्नति प्रदान किया जावे।
6. आशा वर्कर्स एवं सुपरवाईजर की सेवानिवृत्त की आयु सीमा 65 वर्ष की जावे ।
7. आशा वर्कर्स को वर्ष में 02 बार गणवेश (यूनिफार्म) उपलब्ध कराया जावे अथवा ड्रेसकोड का भुगतान सुनिश्चित किया जावे।
8. आशा वर्कर्स हेतु चिकित्सालयों में विश्रामस्थल की व्यवस्था की जावे।
9. अपने कर्तव्य का निर्वहन करने के लिए आशा वर्कर्स के द्वारा जारी किए गए सफर/यात्रा हेतु यात्रा भत्ता का भुगतान किया जावे।
10. असंगठित कामगारों हेतु लागू "प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन" लाभार्थी प्रवेश आयु 18 से 40 वर्ष ही रखी गयी है। इसे 40 वर्ष की आयु बढ़ाकर 55 वर्ष किया जाय ताकि इसका लाभआशा वर्कर्स एवं सुपरवाईजर को प्राप्त हो सके।
11. 5जी मोबाईल अथवा टेबलेट की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाय।
12. मातृत्व अवकाश की व्यवस्था किया जाय।
13.आशा और पर्वेक्षक को भम्रण के लिये इलेक्ट्रिक स्कूटी प्रदान की जाये।
14. आशा और पर्वेक्षण को एंड्रॉयड मोवाईल या टेवलेट या लेपटोप वितरण किये जाये साथ ही प्रत्येक माह नेट बैलेंस दिया जाये।
