संवाददाता शूभो पाईक
नमस्कार, आप देख रहे हैं न्यूज़ Twenty four इंडिया। छत्तीसगढ़ के पखांजूर क्षेत्र से एक ऐसी शर्मनाक खबर आ रही है, जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। एक तरफ आसमान से 45 डिग्री की आग बरस रही है, तो दूसरी तरफ बिजली विभाग की लापरवाही ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। मामला पखांजूर क्षेत्र के ग्राम PV 114 भरतपुर (पितोभोदिया रोड) का है। यहाँ पिछले 10 दिनों से—जी हां, पूरे 10 दिनों से—ट्रांसफार्मर का ड्यू बार-बार कट रहा है और लाइन शॉर्ट है। लेकिन मजाल है कि बिजली विभाग के कानों पर जूं तक रेंग जाए! तारीख याद रखिएगा—13 तारीख! यह वो दिन था जब ग्रामीणों ने पहली बार गोंडाहुर और पखांजूर ऑफिस में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। आज 13 से 23 तारीख हो गई है, लेकिन न तो कोई अधिकारी आया और न ही कोई कर्मचारी।
यहाँ स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि लोग एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। इस भीषण गर्मी में बिना बिजली और पानी के ग्रामीण नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। और इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार है पखांजूर का बिजली विभाग! ग्रामीणों का आरोप है कि जब भी बिजली विभाग को फोन किया जाता है, तो वहां से सिर्फ खोखले आश्वासन मिलते हैं। 'सुबह आएगा, शाम को आएगा, कल हो जाएगा'—साहब लोग एसी कमरों में बैठकर बस यही तसल्ली दे रहे हैं।
हद तो तब हो गई जब पखांजूर के असिस्टेंट इंजीनियर विनय जी को कई बार फोन किया गया। साहब ने हर बार कहा—‘हां, मैं भेजता हूँ, करवाता हूँ।’ लेकिन विनय जी, आपका वो 'कल' और 'शाम' 10 दिन बाद भी नहीं आया! क्या जनता को प्यासा मार डालने का इरादा है आपका? जब परेशान ग्रामीणों ने थक-हारकर गोंडाहुर ऑफिस फोन किया और कहा कि 'हमें खुद ड्यू लगाने के लिए थोड़ी देर लाइन ट्रिप (बंद) कर दो', तो ऑफिस से अकड़ दिखाकर जवाब मिला—"ड्यू लगाने का अधिकार सिर्फ हमारा है, तुम नहीं लगा सकते!"
सवाल यह उठता है कि जब अधिकार आपका है, तो अपना फर्ज निभाने कब आओगे साहब? जब कोई बड़ी अनहोनी हो जाएगी तब? यह सीधे-सीधे मानवाधिकारों का उल्लंघन है। 45 डिग्री के टॉर्चर के बीच ग्रामीणों को प्यासा और बेबस छोड़ देना किसी अपराध से कम नहीं है। इस महा-लापरवाही के लिए पखांजूर और गोंडाहुर ऑफिस के जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें तुरंत सस्पेंड किया जाना चाहिए। न्यूज़ Twenty four इंडिया। उच्च अधिकारियों और शासन-प्रशासन से यह मांग करता है कि इस मामले का तुरंत संज्ञान लिया जाए। जब तक PV 114 भरतपुर की बिजली चालू नहीं होती और लापरवाह अफसरों पर गाज नहीं गिरती, हम इस खबर को दबाने नहीं देंगे। देखते रहिए..."
