ब्यूरो समाचार -दिनेश नेताम
12 किलोमीटर की दूरी तय कर समिति और बैंक के बीच दौड़ते-भागते किसान थक गए। अंत में उन्होंने गांव के भाजपा कार्यकर्ता संदीप साहू से अपनी व्यथा साझा की। संदीप साहू ने तत्काल यह मामला संजय बैंस तक पहुंचाया।
किसान की स्थिति देखकर संजय बैंस ने कहा कि अन्नदाता को अपनी ही मेहनत की कमाई के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, यह देखकर सिस्टम पर गुस्सा आता है। उन्होंने तुरंत सहकारिता सीईओ मनोज नेताम और बैंक प्रबंधक से संपर्क किया। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता समझते हुए तुरंत कार्रवाई की और किसान के खाते में 38,394 रुपये की अंतर राशि जमा कर दी।
संजय बैंस ने बैंक प्रबंधक और समिति प्रबंधक की संवेदनशीलता के लिए आभार जताते हुए कहा कि मेरे क्षेत्र की जनता चाहे किसान हो या मजदूर, उनके चेहरे की मुस्कान ही मेरी असली कमाई है। जनप्रतिनिधि होने के नाते मेरा एक ही मकसद है कि मेरे क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति समस्या में न रहे।
पैसा मिलने के बाद किसान शत्रुघ्न की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कहा कि मुझे यकीन ही नहीं था कि इतने दिनों बाद पैसा मिलेगा। संजय बैंस जी और संदीप साहू के प्रयास से आज मेरी समस्या हल हुई। हमारे क्षेत्र में जब भी कोई संकट आता है, संजय बैंस जी ही सहारा बनते हैं। वे सच में हमारे लिए देवदूत से कम नहीं हैं।

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