संवाददाता - पवन कुमार साहू
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कलिंगा यूनिवर्सिटी एवम एम, डी, एजुकेशन सोसाइटी सारायपाली के सयुक्त आयोजन मे शिक्षाविद् सम्मान समारोह 2026 का आयोजन कलिंगा विश्वविद्यालय के सभा गृह नया रायपुर में किया गया।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त सुधीर गौतम शिक्षा आयोग अद्यक्ष छत्तीसगढ़ अध्यक्षता किये डाक्टर संदीप गाँधी कलिंगा यूनिवर्सिटी कुलपति रायपुर विशेष अतिथि डाक्टर अनिल प्रधान संयोजक एजुकेशन सोसायटी सारायपाली की गरिमामय उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का शुभारंभ विद्या की देवी माँ सरस्वती की पूजा कर किया गया।
इस कार्यक्रम मे छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिला से 125 से ज्यादा उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान अतिथियों द्वारा एजुकेशन स्कल्पटर आवार्ड मोमेंट सुरक्षा कवच अंगरक्षा शिक्षा शिल्पी स्मारिका व शिक्षा सारांस पत्रिका प्रदान कर शिक्षकों को सम्मानित किया गया ।
जिसमे बालोद जिला के डॉण्डी विकास खण्ड के शिक्षक धर्मेन्द्र कुमार श्रवण को डॉण्डी ब्लाक मे शिक्षा के क्षेत्र में सराहनी कार्य के लिए। शिक्षाविद् एवम नवोदित साहित्यकार 2026 के लिए राज्यपाल पुरूस्कृत एवम मुख्य मंत्री गौरव अलंकृत शिक्षाश्री से सम्मानित किया गया।
गणित के व्याख्याता धर्मेन्द्र कुमार श्रवण को यह सम्मान उनके शैक्षणिक चेतना शिक्षा गुणवत्ता साक्षरता वृद्धि व्यक्तित्व विकाश एवम बेहतर अद्यापनकार्य कर शिक्षा के श्रेत्र मे निरंतर सक्रिय भूमिका निभाने के लिए सम्मानित किया गया है।
धर्मेन्द्र कुमार श्रवण एजुकेशन स्कल्पटर आवार्ड 2026 के कोर कमेटी के सक्रिय सदस्य भी है। उनके इस प्रयास से छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के 125 से ज्यादा शिक्षकों को जोड़ने का प्रयास कर इस पूरे कार्यक्रम का सकुशल संचालन बेहतर तरीकों से समापन कराया गया।
श्री श्रवण ने इस कार्यक्रम में प्रदेश के लाखों शिक्षकों मे से खोजकर उनकी योग्यता को पहचान कर उनके शिक्षा के प्रति लगन को परखकर शोधकर खोजकर उनके प्रतिभा को शिखर तक पहुंचाने का सवारने व शुशोभित् कर आज शिक्षा के क्षेत्र मे समाज की दशा दिशा देने वाले ऐसे गुरुजनों की खोज कर आने वाले बच्चे युवा पीढ़ी को सही मार्ग दर्शन देकर युवा पीढ़ी को विकाशित भारत शताब्दी वर्ष 2047 की संकल्पना को एक भव्य रूप प्रदान करना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है।
धर्मेन्द्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा हम सब शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए बच्चों को एक कुम्हार की तरह बच्चों के कोमल मन को शिक्षा के माध्यम से आकर देकर गड़ता है ताकि वो अपने चरित्र निर्माण कर अपना और देश सेवा में जैसे जिम्मेदारी को समझता है।
इस लिए शिक्षकों को एक अनुपम व अद्युतीय पद की गरिमा को गौरांवित् करने हेतु गुरुजनों को देश का राष्ट्र निर्माता का दर्जा दिया गया है। इस लिए शिक्षकों को सर्वगुंण संपन्न होकर बच्चों के चरित्र का निर्माण कर एक अच्छा नागरिक बनाकर देश सेवा हेतु उन्हे तैयार करता है एक शिक्षक।
