ब्यूरो समाचार -दिनेश नेताम
हमर चिन्हारी साहित्य समिति एवं साहित्य लेखन रिसोर्स शिक्षक परिवार छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वधान में वृन्दावन हॉल सिविल लाइन रायपुर में साझा बाल काव्य संग्रह मोर अंगना के शोर के भव्य पुस्तक विमोचन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया | कार्यक्रम में साहित्य शिक्षक संस्कृति एवं समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों साहित्यकारों एवं रचनाकारों का सम्मान किया गया जिसमें बालोद जिला के विकासखंड डौँडी मोना रावत को साहित्य के क्षेत्र में सम्मानित किया गया |
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंत्री वन एवं जलवायु परिवहन सहकारिता संसदीय कार्य छत्तीसगढ़ शासन केदार कश्यप रहे विशिष्ट अतिथि अनुज शर्मा विधायक धरसींवा, प्रभात मिश्र अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य भाषा आयोग, अमित चिमनानी सीए भाजपा, छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रवक्ता डॉ गीता देवी प्रदेश कोषाध्यक्ष भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़, के शारदा राष्ट्रपति पुरस्कृत एवं मंचसीन गणमान्य n अतिथियों की उपस्थिति में हुई |
समारोह का मुख्य आकर्षण साझा बाल काव्य संग्रह मोर अंगना के शोर का विधिवत विमोचन रहा | यह पुस्तक संग्रह हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी भाषा की 121 कविता थीम आधारित बाल कविताओं से सुसज्जित है एफएलएन नई शिक्षा नीति 2020 की उद्देश्य एवं समवेशी शिक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक कविताओं की रचना किया गया है, साथ ही क्यूआर कोड जोड़ा गया है जिससे बच्चे, शिक्षक, पालक तथा विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग विद्यार्थी भी कविताओं को डिजिटल माध्यम से सुन एवं समझ सकेंगे | यह पुस्तक छत्तीसगढ़ में बाल साहित्य और डिजिटल नवाचार का एक अभिनव प्रयास है |
मोर अंगना के शोर नामक पुस्तक गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिये भी नॉमिनेशन हो गया है | मुख्य अतिथि केदार कश्यप ने कहाँ की साहित्य समाज का दर्पण है तथा बाल साहित्य आने वाली पीढ़ी के संस्कार निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम है उन्होंने पुस्तक में डिजिटल तकनिकी एवं समवेशी शिक्षा के समन्वय की सराहना करते हुए इसे शिक्षा जगत के लिये प्रेरणादायी पहल बताया |
मोर अंगना के शोर साझा बाल काव्य संग्रह छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के शिक्षकों को सहभागिता रहा सभी सहभागी शिक्षकों को मंत्री जी एवं अतिथियों के हाथों प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो से सम्मानित किया गया |


