छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद, शाखा-दुर्ग द्वारा हुल क्रांति दिवस धूमधाम से मनाया गया

 ब्यूरो समाचार -दिनेश नेताम 

स्थान - दुर्ग 

हुल क्रांति दिवस के अवसर पर *छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद, शाखा-दुर्ग* द्वारा मरोदा सेक्टर,के पॉकेट 16/D स्थित महिला जिलाध्यक्ष *श्रीमती दिनेश्वरी भुआर्य जी* के निवास पर गौरवशाली कार्यक्रम आयोजित किया गया।



*कार्यक्रम की झलकियां:*

30 जून 1855 को झारखंड की धरती पर 10,000 संथाल आदिवासियों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ "करो या मरो, अंग्रेजों माटी छोड़ो" का बिगुल फूंका था। *सिद्धो-कान्हो, चांद-भैरव, फूलो-झानो* भाई-बहनों के नेतृत्व में यह भारत का सबसे बड़ा आदिवासी विद्रोह था। इसी शौर्यगाथा को याद कर आज हुल दिवस मनाया गया।


*वक्ताओं के विचार:*

1. *श्रीमती चंद्रकला तारम, प्रदेश उपाध्यक्ष* - "महान जननायकों को याद कर हमें अत्याचार-अन्याय-शोषण के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा मिलती है। ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ हुल विद्रोह ऐतिहासिक था, जिसे हर आदिवासी को जानना चाहिए।"


2. *श्री अश्लेष मरावी* - "आदिवासियों का गौरवशाली इतिहास रहा है। अपने हक-अधिकारों के लिए आदिवासी हमेशा आवाज बुलंद करते आए हैं।"


3. *श्री चन्द्रभान सिंह ठाकुर, जिलाध्यक्ष* - "आज पूरे देश के आदिवासियों की स्थिति चिंताजनक है। ऐसे समय में पुरखों की बलिदानी याद कर संवैधानिक 'हुल क्रांति' करने की जरूरत है।"


4. *श्रीमती दिनेश्वरी भुआर्य, महिला जिलाध्यक्ष* - "पुरखों ने हमें जीवन जीने का मार्ग दिखाया। उसी मार्ग पर संगठित होकर आवाज बुलंद करनी है।"


5. *वरिष्ठ श्री कमल नेताम* - "पूरे भारत में आदिवासियों को अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। जिम्मेदार अपने दायित्व नहीं निभा रहे।"


6. *वरिष्ठ श्री रामचन्द्र ध्रुव* - "हुल दिवस पर हम सबको जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक अधिकार बचाने का संकल्प लेना चाहिए।"


इस क्रम में *युवराज ठाकुर, चंद्रिका रावत, डालिया ढाले, पल्लवी ठाकुर, भुवनेश्वरी उइके* ने भी अपने विचार रखे।


*निंदा प्रस्ताव पारित:*

हुल दिवस परिषद ने राज्य सरकार की आदिवासी जनविरोधी नीतियों और 5वीं अनुसूचित क्षेत्रों में प्रशासन के असंवैधानिक कृत्यों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। 

1. *बालोद जिले, तुएगोंदी जामड़ीपाट* की वनभूमि पर अवैध कब्जे की कड़ी निंदा

2. *कोंडागांव जिले* में आदिवासियों के पवित्र 'पेन ठांना स्थल' से छेड़खानी की घोर निंदा


*उपस्थिति:* प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रकला तारम, प्रदेश सचिव युवराज, वरिष्ठ कमल नेताम,वरिष्ठ रामचन्द्र ध्रुव, जिलाध्यक्ष चन्द्रभान सिंह ठाकुर, महिला जिलाध्यक्ष दिनेश्वरी भुआर्य, लोकेश्वरी ध्रुव, चंद्रिका रावत, डालिया ढाले, पल्लवी ठाकुर, भुवनेश्वरी उइके, प्रतिमा दामले सहित सैकड़ों आदिवासी बंधु उपस्थित रहे।

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