शिक्षा मंत्री के आदेश से शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप, संलग्न शिक्षकों की बढ़ीं मुश्किलें

प्रशांत सिन्हा कांकेर 
कांकेर। शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक के बाद लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश से शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है। आदेश के तहत जिला एवं विकासखंड स्तर के कार्यालयों में वर्षों से संलग्न शिक्षकों और कर्मचारियों की जानकारी तलब कर उन्हें मूल विद्यालयों में वापस भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है।


हालांकि आदेश जारी होने के बाद भी कांकेर जिले में अभी तक किसी संलग्न शिक्षक को कार्यमुक्त किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में अब सभी की निगाहें विभागीय समीक्षा बैठक और शासन के अगले निर्देशों पर टिकी हुई हैं।


विभागीय सूत्रों के अनुसार यदि आदेश का कड़ाई से पालन किया गया तो लंबे समय से जिला शिक्षा कार्यालय, बीईओ कार्यालय और अन्य संस्थानों में संलग्न कई शिक्षकों को अपने मूल विद्यालयों में लौटना पड़ सकता है। इससे स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ने और शिक्षण व्यवस्था मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।


वहीं दूसरी ओर बड़ा सवाल यह भी है कि इन शिक्षकों की वापसी के बाद जिला और ब्लॉक कार्यालयों में रिक्त होने वाले पदों पर किसकी नियुक्ति की जाएगी। पूर्व में भी ऐसे आदेश जारी हुए थे, लेकिन बाद में कई शिक्षकों को पुनः प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ कर दिया गया था।


जिले में आश्रम एवं छात्रावासों में अधीक्षक के रूप में कार्यरत शिक्षकों को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यदि संलग्नीकरण समाप्त करने की कार्रवाई व्यापक स्तर पर लागू होती है तो इसका प्रभाव इन संस्थानों पर भी पड़ सकता है।


जिला शिक्षा अधिकारी रमेश निषाद ने बताया कि शासन द्वारा संलग्न शिक्षकों की सूची मांगी गई है। जानकारी तैयार कर भेजी जा रही है तथा आगे प्राप्त निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।



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