केशव कोली
चंदेरी
सर्व विदित है कि पर्यटन को बढ़ावा देने में टूरिस्ट सर्किट की एक अलग ही महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पर्यटकों को आकर्षित करने के करने का यह भी एक बेहतरीन माध्यम होता है अतिरिक्त इसके पर्यटन क्षेत्र में नई-नहीं संभावनाएं परिलक्षित होती हैं जो उस क्षेत्र के विकास में प्रतिबिंबित होते हुए विदेशी मुद्रा अर्जित करने का सबब बनती है उल्लेखनीय यह भी है कि जब हम क्षेत्रीय पर्यटन की चर्चा करते हैं ग्वालियर, शिवपुरी चन्देरी ही नहीं वरन् कूनो राष्ट्रीय उद्यान श्योपुर को भी ध्यान में रखना अनिवार्य होगा क्योंकि श्योपुर में कूनो राष्ट्रीय उद्यान का उदय होना तद्उपरांत तेजी से पर्यटन परिपथ पर ठोस कदम आगे बढ़ाना क्षेत्रीय पर्यटन विकास के लिए शुभ संकेत हैं।वर्तमान क्षेत्रीय पर्यटन क्षेत्र में उभरती परिस्थितियां यह दर्शा रही है कि आज नहीं तो कल जंगल मान से चंदेरी, शिवपुरी, कूनो राष्ट्रीय उद्यान श्योपुर एक दूसरे के पूरक बनेंगे।वैसे भी कूनो राष्ट्रीय उद्यान के जन्म लेने से क्षेत्रीय पर्यटन क्षेत्र में नई -नई संभावनाओं ने जन्म लिया है। याद आ रहा है वह समय जब श्रीमंत माधवराव सिंधिया जी ने चन्देरी पर्यटन सहित क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु ग्वालियर-शिवपुरी-चन्देरी नामक टूरिस्ट सर्किट विकसित और प्रचारित किया था। आज ग्वालियर-श्योपुर -शिवपुरी- चंदेरी टूरिस्ट सर्किट को विकसित एवं प्रचारित किया जाना आवश्यक ही नहीं अपितु अनिवार्य है ताकि चंदेरी पर्यटन हस्त शिल्पकला का नायाब नमूना चंदेरी साड़ियां, नगर आर्थिक विकास संग क्षेत्रीय पर्यटन को भरपूर लाभ मिल सके।इन्हीं सब तथ्यों का उल्लेख करते हुए एक आवेदन पत्र श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया केन्द्रीय संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री (भारत सरकार) नई दिल्ली को प्रेषित कर चंदेरी पर्यटन संग क्षेत्रीय पर्यटन उन्नति हेतु *ग्वालियर -श्योपुर-शिवपुरी-चंदेरी* टूरिस्ट सर्किट विकसित किए जाने की दिशा में उचित कार्यवाही करने का निवेदन किया गया है।
*चंदेरी पर्यटन-सुखद स्मृति**एक दिन तो गुजारिए चंदेरी में*
