पखांजूर से शूभो पाईक की रिपोर्ट
लोकेशन पखांजूर
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के पखांजूर से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आ रहा है, जहाँ प्रशासन की लापरवाही और निष्क्रियता की सारी हदें पार हो चुकी हैं। कुछ दिनों पहले News 24 India ने प्रमुखता से दिखाया था कि कैसे पीवी 3 नंबर शारदा नगर की 12 महिला स्व-सहायता समितियों के हक के पैसों पर डाका डाला गया। बैंक से 8 लाख रुपये निकालकर महिलाओं को सिर्फ 6 लाख रुपये का हिसाब दिया गया और 2 लाख रुपये पदाधिकारियों ने आपस में ठिकाने लगा दिए। इस महाघोटाले और हेराफेरी का खुलासा होने के बाद सैकड़ों आक्रोशित महिलाएं जनपद पंचायत कार्यालय पहुंची थीं। महिलाओं ने रो-रोकर जनपद सीईओ को अपनी व्यथा सुनाई थी और लिखित शिकायत देकर भ्रष्ट पदाधिकारियों को हटाने की मांग की थी। लेकिन बेहद शर्म की बात है कि हमारी खबर के जरिए पूरा सच सामने आने के बाद भी, स्थानीय शासन-प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी है। दिन बीत जाने के बाद भी दोषी
पदाधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। आखिर जनपद सीईओ और पखांजूर प्रशासन की इस चुप्पी का राज क्या है? खुलेआम महिलाओं की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले शिवानी विश्वास, पूर्णिमा दास और सुचित राय जैसे पदाधिकारियों पर अब तक कानूनी शिकंजा क्यों नहीं कसा गया? क्या इन रसूखदार भ्रष्टाचारियों को किसी बड़े नेता या अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है? पीड़ित महिलाओं का कहना है कि जब तक इन भ्रष्ट लोगों का इस्तीफा नहीं होता और नए पारदर्शी संगठन का गठन नहीं किया जाता, उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं। News 24 India प्रशासन से सीधे तौर पर यह सवाल पूछता है कि इन गरीब महिलाओं को उनका हक और न्याय कब मिलेगा? और कार्रवाई न करने वाले इन लापरवाह अधिकारियों पर गाज कब गिरेगी? हम पखांजूर प्रशासन और जिले के आला अधिकारियों को यह साफ कर देना चाहते हैं कि जब तक इन 12 समितियों की महिलाओं को इंसाफ नहीं मिलता, हम इस मुद्दे को छोड़ेंगे नहीं। इस खबर पर हमारी नजर लगातार बनी रहेगी।
