जब आसमान से आग बरस रही हो, ज़मीन तप रही हो और हर जीव पानी के लिए तड़प रहा हो… ऐसे कठिन समय में राष्ट्रीय गौ सेवा परिषद एक संकल्प बनकर उभरा है।
“कोई गौमाता प्यास से व्याकुल नहीं रहेगी” — इसी लक्ष्य के साथ परिषद के सेवक दिन-रात सड़कों, गलियों और खुले स्थानों पर पानी की टांकियां रख रहे हैं और उन्हें लगातार भर भी रहे हैं।
जहां एक ओर लोग गर्मी से बचने के लिए घरों में कैद हैं, वहीं दूसरी ओर परिषद के कार्यकर्ता तपती धूप में निकलकर बेजुबान गौमाताओं के लिए जीवन का सहारा बन रहे हैं। यह सिर्फ सेवा नहीं… बल्कि सच्ची मानवता और धर्म का उदाहरण है। हर भरी हुई टंकी एक संदेश दे रही है —
“अगर इंसान ठान ले, तो कोई भी जीव प्यासा नहीं रहेगा।”
📍 इस अभियान से न सिर्फ गौमाताओं को राहत मिल रही है, बल्कि समाज में सेवा और संवेदना की एक नई लहर भी पैदा हो रही है। अब आम लोग भी आगे आकर इस पुण्य कार्य में सहयोग कर रहे हैं।
🙏 आपसे भी अपील:
अपने घर, दुकान या मोहल्ले के बाहर एक पानी का बर्तन जरूर रखें… क्योंकि सेवा का सबसे छोटा कदम भी किसी के लिए जीवन बन सकता है। परिषद संस्थापक अभिषेक मोहरी, सचिव सुमित ओझा, राजदीप यादव, कपिल केवट, रोहित अहिरवार, आदि सदस्य रहे.
