ग्राम कदवाया में कलेक्टर श्री मालवीय का दौरा, ऐतिहासिक मंदिरों एवं विकास कार्यों का किया निरीक्षण

अशोकनगर 

 आज ग्राम कदवाया में जिला कलेक्टर श्री साकेत मालवीय का दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। कलेक्टर श्री मालवीय के आगमन पर उन्होंने सर्वप्रथम मां बीजासन देवी के दरबार में पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा नवरात्रि मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कन्या पूजन भी किया।



मेले की व्यवस्थाओं के निरीक्षण के पश्चात कलेक्टर श्री मालवीय ने जल गंगा संवर्धन योजना के अंतर्गत गढ़ी परिसर में साफ-सफाई अभियान में सहभागिता की तथा वहां स्थित प्राचीन बावड़ी की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। 


इसके उपरांत कलेक्टर श्री मालवीय ने कदवाया में स्थित लगभग एक हजार वर्ष प्राचीन 15 ऐतिहासिक मंदिरों का लगातार भ्रमण कर बारीकी से निरीक्षण किया। यह उल्लेखनीय है कि अब तक के इतिहास में पहली बार किसी कलेक्टर द्वारा कदवाया के सभी मंदिरों का एक ही दिन में विस्तृत अवलोकन किया गया। इस दौरान उन्होंने मंदिरों के इतिहास एवं पुरातात्विक महत्व को समझने हेतु पर्यटन की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया।



निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री मालवीय ने मंदिर परिसरों में साफ-सफाई, पेयजल एवं शौचालय व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु केंद्रीय पुरातत्व विभाग के कर्मचारियों को निर्देशित किया। साथ ही मंदिरों के बाहरी क्षेत्रों की स्वच्छता व्यवस्था के लिए ग्राम पंचायत को आवश्यक निर्देश दिए।


दौरे के क्रम में कलेक्टर श्री मालवीय ग्राम की गौशाला पहुंचे, जहां उन्होंने गायों को चारा खिलाया तथा “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधरोपण भी किया। इसके पश्चात ग्राम पंचायत कार्यालय में पहुंचकर विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की एवं सरपंच तथा सचिव को योजनाओं के बेहतर संचालन हेतु दिशा-निर्देश दिए। साथ ही ग्राम में पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाएं एवं बुनियादी आवश्यकताएं विकसित करने के निर्देश भी दिए।


ग्राम पंचायत के निरीक्षण के बाद कलेक्टर श्री मालवीय ने समीप स्थित प्रसूति केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया तथा वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए।


कलेक्टर श्री मालवीय ने समीपस्थ ईदौर ग्राम का भी दौरा किया, जहां उन्होंने प्रसिद्ध सास-बहू की बावड़ी का निरीक्षण कर उसे जल गंगा संवर्धन योजना में शामिल करने के निर्देश दिए। यह बावड़ी स्थानीय मान्यता के अनुसार दो भागों में विभाजित है, जिन्हें सास और बहू की बावड़ी के रूप में जाना जाता है। साथ ही वहां स्थित गरगज मंदिर को राज्य पुरातत्व विभाग में शामिल कराने हेतु एसडीएम ईसागढ़ को प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए।


इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में स्थित प्राचीन भीमसेन हनुमान प्रतिमा का अवलोकन कर स्थानीय इतिहास एवं विरासत के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने, स्थानीय गाइड विकसित करने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।


दौरे के दौरान कलेक्टर श्री मालवीय के साथ जिला पंचायत सीईओ राजेश जैन, एसडीएम ईसागढ़ त्रिलोचन गौड़ ,तहसीलदार ईसागढ़ रितु परमार, पुरातत्वविद हेमंत दुबे, जनपद सीईओ एपी प्रजापति, पंचायत इंस्पेक्टर बाबूराम दौहरे, विकासखंड समन्वयक (एसबीएनजी) सतपाल जाट, उपयंत्री चंद्रभान सिंह रघुवंशी, सहायक यंत्री मिट्ठन सिंह रघुवंशी एवं थाना प्रभारी मनीष जादौन उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त ग्राम कदवाया के जनप्रतिनिधि गण महेंद्र शर्मा, सरपंच कुंवरजू, उपसरपंच अशोक शर्मा, सचिव मेहरबान सिंह एवं सहायक सचिव सतीश साहू भी उपस्थित रहे।


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