संवाददाता-दिनेश कुमार नेताम, बालोदबा
लोद जिले की अग्रणी साहित्यिक संस्था प्रेरणा साहित्य समिति बालोद द्वारा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षा में राज्य स्तर पर प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं का सम्मान किया ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री सीताराम साहू श्याम लोक गायक एवं वरिष्ठ साहित्यकार पैरी थे। अध्यक्षता तुलसी मानस प्रतिष्ठान के प्रांतीय अध्यक्ष श्री जगदीश देशमुख ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती नीलम कौर जी प्राचार्य स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय अर्जुंदा, श्री गोरेलाल शर्मा जी संस्कृताचार्य एवं वरिष्ठ साहित्यकार बालोद, श्री सोहनलाल साहू जी प्राचार्य शासकीय हाई स्कूल खैरवाही, श्री राम सेवक रायपुरिया जी प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भैंसबोड, श्री युगल किशोर निर्मलकर जी समाजसेवी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा अर्चना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। सरस्वती वंदना श्रीमती संध्या पटेल ने प्रस्तुत की। सेना के सम्मान में भारतीय सैनिकों को अपनी ओजस्वी पंक्तियों के माध्यम से श्री लव कुमार सिंह ने सम्मान दिया। तत्पश्चात अतिथियों का स्वागत हुआ। स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए प्रेरणा साहित्य समिति बालोद के अध्यक्ष जयकांत पटेल ने कहा की प्रेरणा साहित्य समिति केवल साहित्य के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि शिक्षा और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों का सम्मान करती है। साहित्य के साथ-साथ समाज सेवा के क्षेत्र में प्रेरणा साहित्य समिति अग्रणी है। आज के सम्मान समारोह में जितने भी बच्चे उपस्थित हुए हैं उन्होंने इस स्थान को प्राप्त करने के लिए काफी संघर्ष किया है। संघर्ष का सम्मान तभी होता है जब उसे सफलता प्राप्त होती है। आज जितने भी बच्चे यहां पहुंचे हुए हैं सभी के संघर्ष को सफलता प्राप्त हुई है। कैरियर गाइडेंस में श्री धर्मेंद्र कुमार श्रवण ने प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी प्रस्तुत की और इन प्रतियोगी परीक्षाओं कोउत्तीर्ण करने के पश्चात किन-किन क्षेत्रों में बच्चे अपना करियर बना सकते हैं इसकी जानकारी दी। आईटीआई के प्रशिक्षण अधिकारी श्री लव कुमार सिंह ने बताया कि जॉब और करियर में अंतर है। जॉब जीविकोपार्जन या व्यवसायिकता का अलग-अलग पड़ाव हैं जबकि कैरियर जीवन पर्यंत चलने वाली प्रक्रिया है जिसका प्रमुख आधार कौशल है। हम जॉब करने वाले ना बने बल्कि जॉब देने वाले बने। स्वावलंबन की ओर हमें अग्रसर होना चाहिए। कार्यक्रम के विशेष अतिथि श्री सोहनलाल साहू ने कहा की एक प्राचार्य के रूप में सभी यह चाहते हैं कि उनके विद्यालय का बच्चा मेरिट में स्थान बनाएं जितने भी बच्चे मेरिट में स्थान बनाए हैं उन सभी को मेरी शुभकामनाएं। श्रीमती नीलम कौर ने कहा की प्रेरणा साहित्य समिति द्वारा प्रतिभा सम्मान का कार्यक्रम सराहनी है। मैं सभी छात्र-छात्राओं से कहना चाहूंगी की आप जिस कक्षा में हैं उस पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करें। बहुत आगे की सोचने से वर्तमान के लक्ष्य ओझल होने लगते हैं। इसलिए वर्तमान में हम जिस कार्य को कर रहे हैं उस पर अपना ध्यान केंद्रित करें। श्री गोरेलाल शर्मा जी ने अपने उद्बोधन में कहा की बच्चे देश के भविष्य होते हैं अतः वे स्मरण रखें कि ईश्वरीय सत्ता एवं माता-पिता और गुरुओं की सद्भावना तथा आशीर्वाद से निष्ठा पूर्वक संकल्पित होकर नित निरंतर आगे बढ़कर अपनी श्रम साधना के बल पर देश समाज परिवार तथा परिवेश को सतत प्रयत्नशील रखा जा सकता है । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री सीताराम साहू श्याम जी ने कहा की प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले छात्र-छात्राओं का सम्मान सचमुच प्रेरणादायी आयोजन है। शासकीय अनुग्रहों से बिल्कुल अलग अपने बलबूते पर इस तरह का यह अनुष्ठान स्तुत्य एवं वंदनीय है। इससे बच्चे माता-पिता अभिभावक उत्साहित होते हैं। इस तरह शिक्षा संस्कार का वातावरण बन जाता है जो स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्व भूमिका अदा करता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री जगदीश देशमुख जी ने कहा की प्रेरणा साहित्य समिति बालोद के द्वारा प्रतिपादित बोर्ड परीक्षा के प्रतिभाशाली प्रावीण्य प्राप्त बच्चों का सम्मान एक संवेदनशील कार्यक्रम है इस तरह का प्रेरक आयोजन जिले के किसी भी संस्था द्वारा नहीं किया जाता। एकमात्र प्रेरणा साहित्य समिति इनके बेहतर उदाहरण है। हम बच्चों को केवल सम्मान नहीं कर रहे हैं बल्कि इन्हें सम्मानित कर प्रेरणा साहित्य समिति स्वयं गौरवान्वित हो रही है। सीखने की जो प्रक्रिया है सुनना, बोलना, पढ़ना और लिखना। जब हम सुनते हैं सुनकर समझते हैं समझ कर पढ़ते हैं समझ कर बोलते हैं और समझ कर लिखते हैं तो हम ऐसे ही प्रवीण में स्थान बनाते हैं। उद्बोधन के पश्चात प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को शॉल,श्रीफल, प्रशस्ति पत्र, पेन,डायरी एवं धर्मेंद्र कुमार श्रवण राज्यपाल पुरस्कृत व्याख्याता द्वारा अपने पूज्य पिताजी स्व. श्री अतीराम साहू कबीरपंथी के पुण्य स्मृति में जिन्होंने जीवन रहते ग्रामीण विद्यालयीन बच्चों के प्रति समर्पित रहा और हमेशा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार स्वरूप प्रोत्साहन के रुप प्रतीक चिन्ह भेंट करते थे इसी यादगार को चिरस्थाई बनाने के लिए श्रवण जी ने प्रतीक स्वरूप स्मृति चिन्ह से सम्मान किया गया। जिसमें संध्या साहू स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय झलमला, कुमारी ग्रेसी साहू स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कुसुमकसा, कुमारी रिया केवट स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय डौंडी,कुमारी भावना साहू स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय अर्जुंदा, कुमारी भूमिका साहू प्रयास आवासीय विद्यालय पिनकापार, ध्रुव कुमार साहू स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय अर्जुंदा के साथ-साथ पंडित रविशंकर शुक्ल
विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा आयोजित एम एड की परीक्षा 2024- 25 में प्रावीण्य ने सूची में चतुर्थ स्थान प्राप्त करने वाले स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी मध्य विद्यालय खलारी के व्याख्याता श्री धर्मेंद्र कुमार श्रवण जी का भी सम्मान किया गया। सम्मान पश्चात काव्य गोष्ठी प्रारंभ हुई जिसमें श्रीमती गायत्री "शिवांगी" ने बेटियों पर उत्कृष्ट रचना प्रस्तुत की, चिन्हारी साहित्य समिति के अध्यक्ष डॉक्टर लक्ष्मण उमरे जी ने बच्चों के उत्साहवर्धन हेतु काव्य पाठ किया। मधुर साहित्य परिषद जिला बालोद के अध्यक्ष डॉ अशोक आकाश ने माता-पिता की महत्ता को प्रतिपादित करते हुए पंक्तियां पढ़ीं। श्रीमती संध्या पटेल ने वंदे मातरम गाकर देश भक्ति की भावना का संचार किया। श्री पुष्कर सिंह राज ने नशा मुक्ति पर कविता प्रस्तुत करते हुए खूब वाहवाही बटोरी। श्री पुसन कुमार साहू जी ने पर्यावरण पर कविताएं प्रस्तुत की। श्री टिकेश्वर सिंह जी ने बाल कविता पढ़कर बच्चों का मन मोहा। गजेंद्र कुमार साहू ने सामाजिक विषमता पर प्रकाश डालते हुए अपनी पंक्तियों का पाठ किया। श्री देव जोशी गुलाब ने प्रेरक कविताओं का पाठ किया। श्री गोपाल दास मानिकपुरी ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए ओजस्वी कविता का पाठ किया। श्री दानेश्वर सिन्हा जी ने पढ़ाई के महत्व को समझाते हुए काव्य पाठ किया। इस अवसर पर प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं ने भी अपने विचार रखें। सभी के विचारों में एक समता थी कि बच्चे माता-पिता, गुरुजनों के मार्गदर्शन में स्वाध्याय करते हुए इस मुकाम को हासिल किए हैं। कोई भी बच्चे ट्यूशन प्राप्त नहीं करते थे। यह एक अच्छा संदेश समाज में पहुंचा कि बिना ट्यूशन के भी बच्चे मेरिट में स्थान बना सकते हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रेरणा साहित्य समिति के सचिव डॉ एस एल गंधर्व जी ने किया आभार ज्ञापन कोषाध्यक्ष श्री दानेश्वर सिन्हा ने किया इस अवसर पर शिक्षिका श्रीमती मंजुलता श्रवण, साक्षी साहू, गायत्री" शिवांगी" यशोदा साहू, मानसी साहू, मनोज कुमार साहू, किरण केवट, नर्मदा केवट, तुकाराम साहू, हुमन लाल साहू एवं भारी संख्या में अभिभावक गण उपस्थित थे। उक्ताशय की जानकारी समिति के मीडिया प्रभारी श्री सुरेश देशमुख ने दी।
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