कांकेर। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर संयंत्र लगवाने के बावजूद धनेलीकान्हार क्षेत्र के हितग्राहियों को समय पर नेट मीटर कनेक्शन नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय देरी के कारण उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
मावलीपारा, कोकानपुर निवासी चेतन सिन्हा ने बताया कि उन्होंने योजना के तहत रजिस्टर्ड वेंडर बस्तर सोलर के माध्यम से सोलर संयंत्र स्थापित कराया। इसके लिए उन्होंने सीआरजीबी बैंक, कोरर से 1.80 लाख रुपये का ऋण लेकर तीन महीने पहले भुगतान किया। इस दौरान बैंक उनके खाते से ऋण की तीन ईएमआई भी काट चुका है।
चेतन सिन्हा के अनुसार, उनका सोलर प्लांट गर्मी के मौसम में प्रतिमाह लगभग 400 यूनिट बिजली उत्पादन करने में सक्षम है। लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी सीएसपीडीसीएल द्वारा नेट मीटर लगाकर कनेक्शन शुरू नहीं किया गया। इससे लगभग 1000 से 1200 यूनिट संभावित बिजली उत्पादन का लाभ नहीं मिल सका। एक ओर उन्हें हर महीने बिजली बिल का भुगतान करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर सोलर ऋण की ईएमआई भी भरनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि विभागीय उदासीनता के कारण वे स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
रजिस्टर्ड वेंडर बस्तर सोलर के संचालक निसार अली ने बताया कि सोलर संयंत्र से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज करीब दो महीने पहले ही सीएसपीडीसीएल धनेलीकान्हार के जेई कार्यालय में जमा कर दिए गए थे। कई बार विभाग से संपर्क करने पर हर बार "हो जाएगा", "स्टाफ नहीं है" जैसे कारण बताकर मामला टाल दिया गया। उन्होंने दावा किया कि धनेलीकान्हार क्षेत्र में ऐसे कई हितग्राही हैं, जिनके सोलर संयंत्र लगने के बाद भी नेट मीटर कनेक्शन लंबित है। वहीं, इसी अवधि में कोरर क्षेत्र में लगाए गए सोलर संयंत्रों का कनेक्शन एक सप्ताह के भीतर शुरू कर दिया गया।
इस संबंध में सीएसपीडीसीएल धनेलीकान्हार के जेई दीपक गंगबेर ने बताया कि जेई एवं एई स्तर के अधिकारी मौके पर निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण रिपोर्ट के बाद नियमानुसार नेट मीटर लगाकर कनेक्शन दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वे धनेलीकान्हार में अतिरिक्त प्रभार पर कार्यरत हैं।
