संजय बैंस के सहयोग से हुआ महिला की आंखों का अंधेरा दूर ।

 ब्यूरो समाचार -दिनेश नेताम   

स्थान - कुसुमकसा 

गणेश विनायक अस्पताल ने की कार्निया का  प्रतिरोपण

पूर्व जनपद सदस्य संजय बैंस एवं बैंस  परिवार के द्वारा पूज्य पिताजी स्वर्गीय जयपाल सिंह बैंस के प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का आयोजन 16 दिसंबर से 24 दिसंबर तक किया गया था । साथ ही इस यज्ञ के समापन के अवसर पर 24 दिसंबर को विशाल  निशुल्क नेत्र शिविर श्री गणेश विनायक अस्पताल  रायपुर के सहयोग से किया गया था ।  जहां शिविर में लगभग 700 हितग्राहियों का निशुल्क  परीक्षण किया गया तथा 300 से अधिक हितग्राहियों को चश्मा वितरण किया गया था । जहां 168 व्यक्तियों को मोतियाबिंद का ऑपरेशन  के लिए रायपुर आने जाने , भोजन व्यवस्था पूरी तरह से निशुल्क बैंस परिवार के द्वारा किया गया था । 

जांच उपरांत डॉक्टरों की टीम ने पाया कि एक महिला निर्मला  बाई यादव वार्ड क्रमांक 12 कुसुमकसा उम्र 60 वर्ष की बाई आंख की कार्निया पूरी तरह से खराब हो चुकी है । जिसके कारण वह उम्र भर नहीं देख पाएगी । संजय बैंस को जब जानकारी हुआ तब उन्होंने डॉक्टरों से उक्त महिला के संबंध में उपाय पूछा कि किसी भी तरह से उनकी आंखों की रोशनी वापस आनी चाहिए । इसके लिए क्या उपाय है डॉक्टर ने बताया कि इसका मात्र एक ही विकल्प है कि उनकी आंखों की  कार्निया  बदलनी होगी । जिसके लिए योग्य दानदाताओं की आवश्यकता है  । यदि योग्य दानदाता भी मिल जाता है तो उसके लिए लाखों रुपए की खर्च  इस ऑपरेशन आदि में हो सकता है । आंखों की दान दाता की व्यवस्था कभी-कभी ही होती है यह भी बहुत मुश्किल काम है । यदि डोनर मिल भी जाए तो  कार्निया मैच होना भी समस्या का कारण बन सकता है । डॉक्टरों की बातों पर जनपद सदस्य संजय बैंस भावुक हो गए । ऐसा लगा कि यज्ञ की   पूर्णाहूति के समय एक त्रुटि रह गई है ,जिसका जीवन भर उन्हें मलाल रहेगा   कि मेरा यह यज्ञ पूरा नहीं हो पाया । फिर भी उन्होंने  उम्मीद नहीं छोड़ी गणेश विनायक आई हॉस्पिटल के संयोजक डॉ विकास मिश्रा  से वे बार-बार निवेदन भी करते रहे । अस्पताल प्रबंधन ने  किसी तरह से  निर्मला  यादव के लिए योग्य कार्निया की व्यवस्था की और  डॉ. विकास मिश्रा की टीम ने  निशुल्क ऑपरेशन कर कार्निया प्रत्यारोपण  कर के निर्मला यादव की आंखों की रोशनी फिर से वापस दिलवाई।

जब इस संबंध में निर्मला यादव से मुलाकात किया गया उन्होंने बताया कि आज से लगभग 5 वर्ष  पहले  सीड़ी से मैं गिर गई थी जिसके कारण मेरी आंखों की रोशनी चली गई  । कई जगह इलाज करवाया फिर भी रोशनी नहीं आ पाई । जब संजय बैंस ने नेत्र शिविर  लगाया । वहां मैं डॉक्टर के पास गई। आज संजय बैंस की मदद से मेरी आंखों की रोशनी वापस आ गई है। 



संजय  बैंस जी ने कहा -

भगवान राम जिस तरह से राजसूर्य यज्ञ कर रहे थे एक कमल की फुल कम हो जाने से उनकी यज्ञ पूर्ण होने में दुविधा की स्थिति उत्पन्न हो गई थी । इसी तरह हमारे लिए यह किसी राज सूर्य यज्ञ से कम नहीं था । पिताजी की पुण्यतिथि के अवसर पर हमने जितने भी ऑपरेशन करवाएं 100% सफल हुए। मात्र इस माताजी की आंखों की समस्या हमारे सत प्रतिशत पर भारी पड़ रहा था । जिसके लिए गणेश विनायक अस्पताल के डॉक्टर और प्रबंधन के सहयोग माता जी के आंखों में  कार्निया का प्रत्यर्पण हुआ । माताजी की आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कुछ दिनों में वापस लौट आएगी । इनके ऑपरेशन से  मेरे राज सूर्य यज्ञ संपन्न हुआ । इस पूरे नेत्र शिविर को सफल बनाने के लिए गणेश विनायक आई हॉस्पिटल के संयोजक के रूप में डॉ विकास मिश्रा  का विशेष योगदान रहा । पूरे 700 मरीजों का इलाज इनके कुशल मार्गदर्शन पर सफल हुआ । इसके लिए मैं अस्पताल प्रबंधन को भी बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं ।

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