सेजेस कुसुमकसा के अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों ने किया रामलीला का मंचन

 ब्यूरो समाचार - दिनेश कुमार नेताम 6261807595 

स्थान - कुसुमकसा

      रामलीला के माध्यम से भारतीय समाज की पुरानी परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों की संरक्षण करने के लिए सेजेस कुसुमकसा के अंग्रेजी माध्यम  के विद्यार्थियों ने नाटकीय रूप से रामलीला  में रावण वध का मंचन तथा जसगीत व जसनृत्य का प्रदर्शन कर युवा पीढ़ियों को अपनी ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर को संजोने और संवर्धित का संदेश दिया। इस अवसर पर शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉक्टर भूपेंद्र मिश्रा ने कहा कि "रामो विग्रहवान  धर्म:" अर्थात धर्म का साक्षात रूप राम है। भारतीय जनमानस में श्री राम एक ऐसे आदर्श पुरुष है जिनके  कण - कण में धर्म  दिखता है। जिनके चरित्र  में  निष्कलंक , विनयशीलता , वीरता व कर्तव्यनिष्ठता है, जिसे मानव जाति को अनुसरण करना चाहिए। विशेष अतिथि संजय बैस पूर्व जनपद सदस्य ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि रामलीला का हमारे भारतीय समाज में गहरा सामाजिक महत्व है। यह केवल धार्मिक कथा का मंचन या मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से समाज के नैतिक मूल्यों, सामाजिक एकता तथा सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण किया जाता है। विशेष अतिथि योगेंद्र कुमार सिन्हा भाजपा मंडल अध्यक्ष कुसुमकसा ने छात्रों द्वारा  देवी जसगीत तथा नृत्य की प्रस्तुति की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह देवी शक्ति की स्तुति का एक पारंपरिक लोकगीत है , जो देवी के प्रति लोगों की आस्था , भक्ति और स्थानीय लोक जीवन का अभिन्न अंग है। जिसे संरक्षित रखना अति आवश्यक है।

          प्राचार्या सुनीता यादव ने कहा कि रामलीला के वजह से एक पूरा समाज की सामाजिक व्यवस्था चलती है जो समाज के प्रत्येक अंग को पोषित तथा विकसित करती है , इसलिए इस डिजिटल तथा वैश्विक युग में हमें इन मूल्यों को जिंदा रखना होगा।व्याख्याता तामसिंग पारकर ने बताया कि आज सबसे बड़ी चुनौती है कि लोगों को घर से बाहर निकाल कर रामलीला देखने को  प्रेरित  कैसे किया जाए ? इसकी शुरुआत शाला  से बेहतर और कोई मंच नहीं है। रामलीला का स्वतंत्रता संग्राम में भी बड़ा महत्वपूर्ण योगदान रहा है, यह राष्ट्रीय एकता का जागरण और सामाजिक चेतना के जागृत करने का महत्वपूर्ण स्थान माना जाता था। राम रावण युद्ध को अक्सर भारतीयों के स्वतंत्रता संघर्ष और ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक माना गया। रामलीला ने विभिन्न वर्गों और समुदायों को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ नसीम खान ने शाला के शिक्षकों और छात्रों के प्रयासों को बुराई पर अच्छाई की जीत बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति और धर्म महान है, उन्हें पश्चिमी प्रभाव से कमजोर  नहीं होने देना चाहिए।  कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता रानू सोनी तथा पूजा   रात्रि ने किया। इस अवसर पर समस्त शिक्षक गण सोनल गुप्ता ,आमोद त्रिपाठी ,शिवम गुप्ता, प्रियंका सिंह, शेष कुमार कोसमा , नदीम खान,त्रिशला नोनहरे  भावना यादव ,यामिनी नेताम, यशेष रावते आदि उपस्थित थे।


विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9406430374

E-mail. news24india999@gmail.com

Office Number 9477709493


👉अगर आप सच के साथ चलने और सही खबरों को सही दिशा देने में आप हमारी मदद करना चाहते हैं तो आप अपना योगदान इस बैंक एकाउंट के माध्यम से दे सकते हैं ।:


     👇   


Google pay Phone pay Paytm 

Shubh Paik



Account 6266418160

IFC CODE AIRP0000001

Airtel Payments Bank

Post a Comment

Previous Post Next Post

Also Read