खाद की कमी से जूझते किसान, बाजार से महंगे दामों पर खरीदने पर मजबूर कर रही है,छ. ग की विष्णु देव की सरकार - रेवा रावटे

 ब्यूरो समाचार दिनेश कुमार नेताम 

स्थान -डौण्डी

आदिवासी अंचल के आदिवासी नेता व सरपंच रेवा रावटे जी ने छत्तीसगढ़ सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में बीते दिनों से जिले में कही कही हुई बारिश को प्री मानसून मान रहे है।  जून माह के द्वितीय सप्ताह  बीतने वाला है, जिले में मानसून का आगमन हो जाएगा।  मानसून को देखते हुए किसानों ने खरीफ सीजन की तैयारी शुरू कर दी है।


खेतों की साफ सफाई करने किसान खेतों की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि अभी धान की बोआई शुरू नहीं हुई है। मानसून के आगमन व अच्छी बारिश के साथ किसान बोआई शुरू कर देंगे। लेकिन आज पर्यन्त तक किसानो को खाद उपलब्ध ना करा पाना सरकार की कमियों को दर्शाता है, बिना खाद के किसान की किसानी कैसे संभव है, किसान खाद बीज के लिए सेवा सहकारी समितियों का चक्कर लगा रहे हैं।

रबी सीजन समाप्त होने के बाद किसानों का पूरा ध्यान सिर्फ खरीफ फसल पर है। लेकिन खाद किल्लत से किसान परेशान हो गए हैं। जिले मे बहुत कम ही खाद का भंडारण हुआ है। कई सोसायटियों में खाद आते ही खपत हो जाती है। सोसायटीयों मे  खाद का पर्याप्त भंडारण नहि किया जा रहा है। इधर कई किसान निजी कृषि केंद्रों में महंगे काम पर खाद खरीद रहे हैं। जबकि सरकार को मालूम ने 54366 टन खाद भंडारण का लक्ष्य रखा है

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुताबिक मई की स्थिति में जिले में यूरिया, पोटास, सुपर, डीएपी मिलाकर कुल 54,366 टन खाद का भंडारण करने का लक्ष्य है। लेकिन लक्ष्य से कोसों दूर  अभी तक 22670 टन खाद का भंडारण ही  किया गया है। सरकार से अपेक्षा करता हूं कि जल्द से जल्द खाद्य का भंडारण किया जाए और किसानों को खाद की चिंता से मुक्त किया जाए, नहीं तो किसानों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया जाएगा।



छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में बीते दिनों से जिले में कही कही हुई बारिश को प्री मानसून मान रहे है।  जून माह के द्वितीय सप्ताह  बीतने वाला है, जिले में मानसून का आगमन हो जाएगा।  मानसून को देखते हुए किसानों ने खरीफ सीजन की तैयारी शुरू कर दी है।

खेतों की साफ सफाई करने किसान खेतों की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि अभी धान की बोआई शुरू नहीं हुई है। मानसून के आगमन व अच्छी बारिश के साथ किसान बोआई शुरू कर देंगे। किसान खाद बीज के लिए सेवा सहकारी समितियों का चक्कर लगा रहे हैं।


रबी सीजन समाप्त होने के बाद किसानों का पूरा ध्यान सिर्फ खरीफ फसल पर है। लेकिन खाद किल्लत से किसान परेशान हो गए हैं। जिले मे बहुत कम ही खाद का भंडारण हुआ है। कई सोसायटियों में खाद आते ही खपत हो जाती है। विभाग का दावा है कि खाद का पर्याप्त भंडारण किया जा रहा है। इधर कई किसान निजी कृषि केंद्रों में महंगे काम पर खाद खरीद रहे हैं।

54366 टन खाद भंडारण का लक्ष्य

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुताबिक मई की स्थिति में जिले में यूरिया, पोटास, सुपर, डीएपी मिलाकर कुल 54,366 टन खाद का भंडारण करने का लक्ष्य है। लेकिन लक्ष्य से कोसों दूर  अभी तक 22670 टन खाद का भंडारण ही  किया गया है।


विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9406430374

E-mail. news24india999@gmail.com

Office Number 9477709493


👉अगर आप सच के साथ चलने और सही खबरों को सही दिशा देने में आप हमारी मदद करना चाहते हैं तो आप अपना योगदान इस बैंक एकाउंट के माध्यम से दे सकते हैं ।:


     👇   


Google pay Phone pay Paytm 

Shubh Paik



Account 6266418160

IFC CODE AIRP0000001

Airtel Payments Bank

Post a Comment

Previous Post Next Post

Also Read